Liquor shops close in Navratri : सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत की। वक्फ विधेयक से लेकर नवरात्रि और ईद तक, उन्होंने भाजपा और अन्य नेताओं पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के वक्फ बिल पर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा, 'जब बिल आएगा और संसद में बहस होगी, हम पूरी तैयारी के साथ हैं। यह विधेयक पूरी तरह असंवैधानिक है और संविधान की कई धाराओं का उल्लंघन करता है। सरकार अपनी बात रखेगी, और हम अपनी बात मजबूती से रखेंगे।'
सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार संसद के इसी सत्र में वक्फ विधेयक लाने की तैयारी में है, लेकिन हम इसके खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे। 'जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) में भी हमने मेहनत की थी और अब संसद में भी पूरी तैयारी से जवाब देंगे।'
'मैं ऐसे लोगों के बयानों का कोई जवाब देना नहीं चाहता'
देवकीनंदन ठाकुर के इस बयान 'अपनी पवित्रता को बचाकर रखना होगा, अपने लोगों से ही नवरात्रि का सामान खरीदें' पर इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैं ऐसे लोगों के बयानों का कोई जवाब देना नहीं चाहता।'
असदुद्दीन ओवैसी के बयान 'नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और जयंत चौधरी, भाजपा को हमारे शरीयत पर हमला करने की इजाजत दे रहे हैं' पर इमरान मसूद ने जवाब दिया कि जो भी मुसलमानों के वोट की दरकार रखते हैं, उन्हें वक्फ बिल के मुद्दे पर मुसलमानों के साथ खड़ा होना पड़ेगा। यह हमारा सबसे बड़ा और अहम मुद्दा है। अगर कोई भी राजनीतिक दल वक्फ बिल का समर्थन करेगा, तो हम उनके विरोध में खड़े होंगे।'
त्योहारों को लेकर इमरान मसूद ने सभी को आपसी सौहार्द और भाईचारे से त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने कहा, 'नवरात्रि और ईद दोनों ही त्योहार खुशी और मिलजुल कर मनाने के लिए होते हैं। हमें देश की संस्कृति और पहचान को बनाए रखना चाहिए। एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होकर त्योहार मनाना ही हमारी परंपरा है।'
'गुझिया खाने में कभी किसी को कोई परहेज नहीं हुआ'
उन्होंने आगे कहा कि 'गुझिया खाने में कभी किसी को कोई परहेज नहीं हुआ, लेकिन कुछ लोग नफरत फैलाने के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। जब मीट की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने की बात होती है, तो शराब पर कोई सवाल क्यों नहीं उठाता? क्या शराब से सात्विकता खत्म नहीं होती? अब नवरात्रि आने वाले हैं, तो शराब की दुकानें भी बंद होनी चाहिए।'
'...लेकिन शराब की दुकानों पर कोई चर्चा नहीं होती'
इमरान मसूद ने भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मीट की दुकानों पर पाबंदी लगाने की बात होती है, लेकिन शराब की दुकानों पर कोई चर्चा नहीं होती। अगर आप सात्विकता की बात कर रहे हैं, तो शराब की दुकानों को भी बंद कराओ।
