Homi Jehangir Bhabha death Mystery : भारत के महान वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा की मौत भी एक रहस्य है। उनकी भी मौत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तरह ही विमान हादसे में हुई थी। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी मौत हादेस की वजह से नहीं साजिश की वजह से हुई थी। रिपोर्ट्स की माने तो भाभा की मौत अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की साजिश की वजह से हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक होमी जहांगीर भाभा के नेतृत्व में भारत परमाणु हथियारों को लेकर काम कर रहे थे और अमेरिका नहीं चाहता था कि कोई अन्य देश इस परमाणु हथियार बनाए।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तरह होमी जहांगीर भाभा की मौत भी एक रहस्य है
Homi Jehangir Bhabha परमाणु हथियारों पर कर रहे थे काम
भारत के महान वैज्ञानिक डॉ. होमी जहांगीर भाभा ने 1965 में ऑल इंडिया रेडियो को इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर मुझे पूरी आजादी दी जाए तो भारत के सिर्फ करीब दो साल के भीतर परमाणु बम होगा। इस इंटरव्यू के ठीक तीन महीने बाद वह लंदन जा रहे थे तभी उनका विमान रास्ते में दुर्घनाग्रस्त हो गया। जिसमें उनकी मौत हो गई। वह एयर इंडिया के बोइंग विमान 707 में सवार थे।
Homi Jehangir Bhabha के विमान का नहीं मिला था ब्लैक बॉक्स
यह विमान आल्प्स रेंज की पहाड़ी से टकरा गया था। हादसे के बाद इस विमान का मलबा बर्फ में दब गया। जिसकी वजह से ब्लैक बॉक्स नहीं मिल पाया। इस बॉक्स से पता चल जाता है कि विमान हादसा किस वजह से हुआ। उस समय जो तर्क दिया गया उसे स्वीकार लिया गया। बाद एक मैगजीन रिपोर्ट छपी कि जिस प्लैन का टुकड़ा मिला वह भाभा वाले विमान का टुकड़ा नहीं था। फिर कहा गया कि विमान पहाड़ी से नहीं, किसी और विमान से टकराया था।
Homi Jehangir Bhabha के विमान में फटा था बम!
बाद में कंवर्सेशन विद द क्रो नाम की पुस्तक में बताया गया कि भारत के परमाणु कार्यक्रम से अमेरिका परेशान था। भाभा को बेहद खतरनाक बताया गया था। पुस्तक में कहा गया था कि वे विएना जाकर मुश्किल खड़ा कर देते। यह भी कहा गया कि उनके विमान में बम फटा था। होमी जहांगीर भाभा को 1948 में भारत के परमाणु कार्यक्रमों का डायरेक्टर बना दिया गया था। वे चाहते थे कि भारत जल्द, सोवियत रूस, चीन और अमेरिका के बराबर खड़ा हो।
