Land For Job Scam: एक ओर बिहार की राजनीति में उथल-पुथल मची है। लालू यादव की पार्टी को सत्ता से बाहर कर नीतीश बीजेपी के साथ जाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लालू परिवार एक और मुसीबत में फंसता दिख रहा है। दिल्ली की एक अदालत ने नौकरी के बदले जमीन घोटाले में लालू यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती को तलब किया है। इन्हें 9 फरवरी को अदालत में पेश होना है।
नौकरी के बदले जमीन घोटाले में राबड़ी-मीसा तलब
आरोप पत्र स्वीकार
इससे पहले दिन में हुई सुनवाई के दौरान, दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े कथित नौकरी के बदले जमीन घोटाले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोप पत्र को स्वीकार कर लिया। जांच एजेंसी ने इस मामले में राबड़ी देवी, हेमा यादव, मीसा भारती, अमित कात्याली, हृदयानंद चौधरी और अन्य को शामिल करते हुए अपनी पहली चार्जशीट जारी की है। यादव परिवार के कथित करीबी सहयोगी अमित कात्याली और पूर्व रेलवे कर्मचारी हृदयानंद चौधरी को भी 9 फरवरी को अदालत में पेश होने के लिए बुलाया गया है।
क्या है नौकरी के बदले जमीन घोटाला
यह आरोप लगाया गया है कि 2004 से 2009 तक, कई लोगों को भारतीय रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में समूह "डी" पदों पर नियुक्त किया गया था, जिसके बदले में उन्होंने तत्कालीन रेल मंत्री प्रसाद के परिवार के सदस्यों और ए के इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक संबद्ध कंपनी को जमीन हस्तांतरित की थी। ईडी ने पहले एक बयान में दावा किया था कि कात्याल इस कंपनी के निदेशक थे, जब इसने "लालू प्रसाद की ओर से" उम्मीदवारों से जमीन हासिल की थी।
लालू परिवार का संबंध
एजेंसी ने आरोप लगाया था कि कंपनी का पंजीकृत पता डी-1088, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, नई दिल्ली है, जो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों का घर है। एजेंसी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव जब रेल मंत्री थे, तब उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले में अमित कात्याल ने उक्त कंपनी में कई अन्य जमीनें भी हासिल की थीं।
