कूनो नेशनल पार्क में मंगलवार को चीते के शावक की मौत हो गई (प्रतीकात्मक फोटो)
Cheetah Death in Kuno National Park: कूनो नेशनल पार्क से मंगलवार दोपहर एक बार फिर बुरी खबर सामने आई बताया जा रहा है कि कूनो नेशनल पार्क ( Kuno National Park) में एक चीता शावक (Cheetah Cub Death) की मौत हो गई है, कहा जा रहा है कि ये यह शावक बीमारी की हालत में था और इसकी जानकारी जब निगरानी दल को हुई तो उसे इलाज के लिए ले जाया गया जहां इलाज के दौरान शावक ने दम तोड़ दिया, इस घटना से लोगों को दुख है।
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सीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने शावक की मौत की पुष्टि की है, ध्यान रहे कि,बताते हैं कि नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला ने बीते 24 मार्च को पार्क में चार शावकों को जन्म दिया था। कूनो पार्क प्रबंधन इन शावकों के नामकरण के लिए लोगों से नाम मांग रहा था इसी बीच शावक की मौत हुई है।
कुल 4 चीतों की मौत हो चुकी है
इस घटना से पहले ही मादा चीता साशा की मौत हुई थी वहीं इसके बाद चीता उदय और दक्षा की मौत हो गई थी यानी इस शावक की मौत से पहले तीन और चीतों की मौत हो चुकी है वहीं इस शावक की मौत के बाद कुल 4 चीतों की मौत हो चुकी है
20 चीते ही कूनो नेशनल पार्क में बचे
ध्यान रहे कि कूनो नेशनल पार्क में पिछले साल यानी साल 2022 में पहली खेप में नामीबिया से आठ चीतों को कूनो नेशनल पार्क लाया गया था जिन्हें 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाड़े में रिलीज किया था, वहीं इसके बाद इस साल यानी फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कूनो लाए गए थे, अब 20 चीते ही कूनो नेशनल पार्क में बचे हैं।
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कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार
इस शावक की मौत से पहले मई में ही कूनो नेशनल पार्क में तीन चीतों की मौत को लेकर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि केंद्र सरकार को राजनीति से ऊपर उठ कर सोचना चहिए। कूनो नेशनल पार्क में तीन चीतों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की थी, सुप्रीम कोर्ट ने कहा दो महीने से भी कम समय में तीन चीतों की मौतें गंभीर चिंता का विषय है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को राजनीति से ऊपर उठ कर सोचना चहिए।
चीतों को राजस्थान स्थानांतरित करने पर विचार
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से चीतों को राजस्थान स्थानांतरित करने पर विचार करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार राजस्थान में उपयुक्त जगह की तलाश क्यों नहीं करते? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि राजस्थान में विपक्षी पार्टी का शासन है, इसका मतलब यह नहीं है, आप इस पर विचार नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट और लेखों से ऐसा प्रतीत होता है कि इतनी बड़ी संख्या में चीतों के लिए केएनपी पर्याप्त नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार चीतों को अन्य अभयारण्यों में स्थानांतरित करने पर विचार कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विशेषज्ञों की राय और मीडिया में लेख हैं, ऐसा प्रतीत होता है कि कूनो इतने सारे चीतों के लिए पर्याप्त नहीं है।
