Marco Rubio Kolkata Visit: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को कोलकाता में सेंट टेरेसा के 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के मुख्यालय 'मदर हाउस’ और निर्मला शिशु भवन का दौरा किया। रूबियो भारत की अपनी पहली चार दिवसीय यात्रा पर शनिवार सुबह कोलकाता पहुंचे। कोलकाता के हवाई अड्डे पर भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने उनका स्वागत किया। उन्होंने 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी’के मुख्यालय का दौरा किया और वहां के अधिकारियों से बात की। रूबियो के साथ उनकी पत्नी भी भारत आई हैं। गोर ने विमान के भीतर की एक तस्वीर X पर शेयर की।
चार दिनों की यात्रा पर भारत आए हैं रूबियो।
टेरेसा के 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ गए रूबियो
रूबियो बाद में गोर और अन्य अधिकारियों के साथ 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ द्वारा संचालित बाल गृह निर्मला शिशु भवन भी गए। कोलकाता में मदर टेरेसा द्वारा स्थापित 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ एक कैथोलिक संस्था है, जो दुनियाभर में गरीबों, बीमारों और असहायों की सेवा के लिए समर्पित है। अमेरिका के किसी विदेशी मंत्री का 14 साल बाद कोलकाता में आगमन हुआ है। इससे पहले मई 2012 में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था। रूबियो की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के रूप में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है।
कूटनीतिक रूप से अहम है रूबियो का भारत दौरा
गोर ने 'एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, 'विदेश मंत्री मार्को रूबियो कोलकाता पहुंच चुके हैं। यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। आज बाद में हम नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे। आने वाले दिनों में व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, क्वाड और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी तथा सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।’ अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया कि रूबियो कोलकाता प्रवास के दौरान शहर के एक बाल गृह का भी दौरा करेंगे। रूबियो 23 से 26 मई तक भारत यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनका आगरा, जयपुर और नई दिल्ली जाने का भी कार्यक्रम है। इस दौरे को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें भारत के साथ ऊर्जा सहयोग पर चर्चा और क्वाड (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक प्रस्तावित है।
भारत को ऊर्जा बेचना चाहता है यूएस
रूबियो अपनी यात्रा के दौरान आगरा और जयपुर भी जाएंगे। इस दौरे को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें भारत के साथ ऊर्जा सहयोग पर चर्चा और क्वाड (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक प्रस्तावित है। भारत रवाना होने से पहले रूबियो ने मियामी में संवाददाताओं से कहा, 'हम चाहते हैं कि भारत जितनी अधिक ऊर्जा खरीद सके, उतनी हम उसे बेचें। अमेरिकी उत्पादन और निर्यात इस समय ऐतिहासिक स्तर पर है।’
क्वाड की बैठक में होंगे शामिल
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत पर पड़ने वाले संभावित ऊर्जा संकट से जुड़े सवाल पर रूबियो ने भारत को 'भरोसेमंद और महत्वपूर्ण साझेदार’बताया और क्वाड देशों के मंत्रियों से मुलाकात को लेकर उत्साह जताया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 मई को क्वाड बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में रूबियो के अलावा ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल होंगे।
(एजेंसी इनपुट)
