Kolkata Doctors Strike: कोलकाता के आरजी कर हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के बाद हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने काम पर लौटने का ऐलान कर दिया है। जूनियर डॉक्टरों ने गुरुवार को हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डाक्टर्स 41 दिन बाद काम पर लौटेंगे।
जूनियर डॉक्टरों ने खत्म की हड़ताल।
जानकारी के मुताबिक, जूनियर डॉक्टरों ने 20 सितंबर यानी शुक्रवार से धरना खत्म करने का ऐलान किया है। सभी डॉक्टर्स शनिवार से काम पर लौटेंगे। डॉक्टरों की ओर से यह घोषणा तब की गई है जब पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी ने डॉक्टरों से मुलााकत के बाद उनकी 5 में से 3 मांगे मान ली और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसी के साथ ममता बनर्जी ने डॉक्टरों से काम पर लौटने और बाढ़ प्राभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों की मदद करने की अपील की थी। बात दें, बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने भी डॉक्टरों से काम पर लौटने को कहा था।
एक सप्ताह का करेंगे इंतजार
डॉक्टरों ने कहा है कि हम शनिवार से अपना काम बंद अभियान आंशिक रूप से वापस लेंगे। इसके बाद पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों में शनिवार से आपातकालीन, आवश्यक सेवाएं आंशिक रूप से बहाल होंगी। उन्होंने कहा, बंगाल में बाढ़ प्रभावित लोगों को चिकित्सा राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही डॉक्टरों ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार के सभी वादों के क्रियान्वयन के लिए हम एक सप्ताह तक इंतजार करेंगे, यदि वादे पूरे नहीं हुए तो हम फिर से काम बंद कर देंगे।
संदीप घोष का मेडिकल सर्टिफिकेट हुआ रद्द
बता दें, आज ही पश्चिम बंगाल चिकित्सा परिषद (डब्ल्यूबीएमसी) ने सरकारी आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रधानाचार्य संदीप घोष का पंजीकरण रद्द किया था। डब्ल्यूबीएमसी द्वारा तैयार की जाने वाली पंजीकृत चिकित्सकों की सूची से घोष का नाम 19 सितंबर को हटा दिया गया। अधिकारी ने बताया कि घोष का लाइसेंस बंगाल चिकित्सा अधिनियम 1914 के विभिन्न प्रावधानों के तहत रद्द किया गया। दिया। बता दें, संदीप घोष आरजी कर अस्पताल में महिला प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ कथित बलात्कार के बाद हुई हत्या के मामलें में इस समय केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में हैं।
