Air Force Scrambling: भारतीय वायुसेना ने सोमवार सुबह बम की धमकी के बाद ईरान की राजधानी तेहरान से चीन के ग्वांगझाऊ जा रहे महान एयर के एक यात्री विमान को रोकने के लिए अपने लड़ाकू विमान उसके पीछे भेजे। ये घटना सुबह उस समय हुई, जब उड़ान संख्या डब्ल्यू-581 भारतीय वायु क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भर रही थी। इस दौरान भारतीय लड़ाकू विमानों ने सुरक्षित दूरी पर इस उड़ान का पीछा किया।
क्या होती है एयरफोर्स स्क्रैंबलिंग।
विमान को पहले जयपुर और फिर चंडीगढ़ में उतारने का ऑप्शन दिया गया था। हालांकि पायलट ने कहा कि वह दोनों में से किसी भी हवाई अड्डे पर विमान नहीं उतारना चाहता है। विमान का पायलट दिल्ली में ही लैंड करने की जिद्द करने लगा, जिसके बाद भारतीय वायुसेना ने भी कमर कस ली। इसके बाद विमान ने अपना रुख चीन की तरफ मोड़ा।
#WATCH | A lone Sukhoi jet was seen over Jodhpur IAF airbase before LCH induction ceremony began & ahead of the arr… t.co/XG3HlyCQKw
— ANI (@ANI) Oct 3, 2022
ईरानी विमान के पीछे लग गया था एयरफोर्स का सुखोई
भारतीय वायु क्षेत्र में उड़ान के दौरान ईरानी विमान वायु सेना की करीबी राडार निगरानी में था। ईरानी विमान जब भारतीय वायु क्षेत्र में था, तब दिल्ली हवाई अड्डे एटीसी लगातार भारतीय वायुसेना के संपर्क में था। सूत्रों के मुताबिक जोधपुर और पंजाब एयरबेस से एयरफोर्स स्क्रैम्बलिंग हुई थी और दोनों ही एयरबेस से सुखोई-30MKI ने उड़ान भर ली थी और वह उसके पीछे लग गया था। लेकिन इसी बीच ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने भारत से संपर्क कर उन्हें बताया कि विमान में बम होने की सूचना को नजरअंदाज किया जाए, जिसके बाद भारत ने विमान को भारतीय क्षेत्र से निकलने दिया।
A Mahan Air flight, Tehran -> Guangzhou, received a bomb threat when flying over India. According to @ANI "Delhi AT… t.co/Shh6jNaUnE
— ANI (@ANI) Oct 3, 2022
क्या है एयरफोर्स स्क्रैबलिंग
दरअसल एयरफोर्स की अपनी भाषा में स्क्रैम्बलिंग का मतलब होता है किसी इमरजेंसी में फौरन एक्शन लेना। इमरजेंसी का मालूम होते ही एयरफोर्स के लड़ाकू विमान आसमान में तैनात हो जाते हैं। वहीं सूचना मिलने और मोर्चे पर तैनाती में लगने वाले समय को स्क्रैम्बल टाइम कहा जाता है। बता दें कि जिस देश की एयरफोर्स की स्क्रेम्बल टाइम जितनी कम होती है, उसे उतना ही अलर्ट और मजबूत माना जाता है।
किसी भी देश की एयरफोर्स उस स्थिति में स्क्रैम्बलिंग करती है, जब कोई दूसरे देश का विमान घुसने या हवाई हमले करने वाला होता है। स्क्रैम्बलिंग के समय लड़ाकू विमान के पायलट को जल्दी से जल्दी विमान के पास पहुंचना होता है, ताकि वह सही समय पर दुश्मन को जवाब दे सके।
एयर स्क्रैम्बलिंग में सबसे पहले संदिग्ध विमान का पीछा कर उसके घेरना होता है। इसके बाद मौके की परिस्थिति के अनुसार या तो उसे वापस खदेड़ा जाता है, या फिर उसे जमीन पर उतरने के लिए मजबूर किया जाता है। इस दौरान विमान से एक सुरक्षित दूरी बनाई रखनी होती है, जिससे उसके हमले से बचा जा सकें। लेकिन अगर विमान तमामा चेतावनियों के बावजूद नहीं सुनता है तो उसे वहीं मार गिराने का फैसला लिया जाता है।
