कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई को बीजेपी ने चुनाव मैदान में उतारा है। आदमपुर विधानसभा चुनाव 2019 में बीजेपी प्रत्याशी रहीं सोनाली फोगाट मौत के बाद भी उपचुनाव में चर्चाओं के जरिये जिंदा है। विपक्ष की ओर से सोनाली फोगाट की मौत के मामले को लेकर सरकार को घेरा जा रहा है। आदमपुर उपचुनाव में SYL,पानी की समस्या, बिजली कटौती,बढ़ता नशा,बेरोजगारी समेत तमाम मुद्दों को लेकर वोट मांगे जा रहे है।
हरियाणा की आदमपुर सीट पर होगा उपचुनाव।
आदमपुर में तीन नवंबर को उपचुनाव होगा। यह सीट कुलदीप बिश्नोई के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। कुलदीप ने चुनाव कांग्रेस की टिकट पर जीता था लेकिन कुछ दिन पहले वे बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। तीन नवंबर को वोट डाले जाएंगे वहीं छह नवंबर को नतीजे आएंगे। आदमपुर में उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई पर भरोसा जताया है। साल 1968 के बाद से यह सीट बिश्नोई परिवार के पास है। सीट के इतिहास को देखते हुए बीजेपी जीत का दावा कर रही है।
कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जय प्रकाश को उम्मीदवार बनाया है। जेपी हिसार से तीन बार के सांसद रह चुके हैं। बरवाला और कलायत से भी चुके हैं।जेपी के मैदान में आने से आदमपुर चुनाव में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस पार्टी को अलविदा कहने वाले कुरड़ा राम नंबरदार को इनेलो ने अपना उम्मीदवार बनाया है। अभय सिंह चौटाला ने कुरड़ा राम को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।किसान आंदोलन के दौरान भी कुरड़ाराम काफी सक्रिय रहे थे। इसके अलावा आदमपुर हलके में पानी की किल्लत पर किए गए संघर्ष में के दौरान भी कुरड़ा राम संघर्ष समिति के प्रधान रहे।
आम आदमी पार्टी से सतेंद्र सिंह
आम आदमी पार्टी दिल्ली और पंजाब के बाद हरियाणा में भी बड़ी एंट्री की कोशिशों में जुटी है। आम आदमी पार्टी ने इस बार उपचुनाव में सतेंद्र सिंह पर भरोसा जताया है।सतेंद्र 2014 में आदमपुर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और हार का स्वाद भी चख चुके हैं। अबकी बार सतेंद्र सिंह को जिताने के लिए अरविंद केजरीवाल ने जोर लगा रखा है। खास बात यह है दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का हरियाणा गृहराज्य है जिसका फायदा आम आदमी पार्टी उठाना चाहेगी।
हार-जीत में योगदान
नाराज नेताओं की हार-जीत तय करने में अहम भूमिका रहने वाली है।टिकट नहीं मिलने से उम्मीदवार पाला बदल चुके है, जिनको मनाने का काम किया जा रहा है।
