श्रीलंका जैसे छोटे देश को इंदिरा गांधी ने क्यों दे दिया कच्चातिवु द्वीप, अब PM ने उठाया सवाल, जानिए कहानी

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Aug 11, 2023, 01:29 PM IST

Katchatheevu island : कच्चातिवू द्वीप पाल्क स्ट्रेट में स्थित एक निर्जन द्वीप है। बताया जाता है कि 14वीां सदी में हुए ज्वालामुखी विस्फोट के बाद यह द्वीप अस्तितत्व में आया। इसके बाद 285 एकड़ क्षेत्र वाले इस द्वीप का प्रशासन भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से करते थे। 17वीं सदी में यह द्वीप मदुरई के राजा रामनद के जमींदारी के अधीन था।

Katchatheevu island : अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में कच्चातिवु द्वीप का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि इंदिरा गांधी की सरकार ने 1974 में कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका के सुपुर्द किया। हालांकि, तमिलनाडु की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार उन्हें पत्र लिखकर कच्चातिवु द्वीप वापस लेने का आग्रह करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच स्थित कच्चातिवु द्वीप को इंदिरा गांधी के कार्यकाल में दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या मां भारती का वह अंश वहां नहीं था?

Katchatheevu Island

कच्चातिवू द्वीप का पीएम मोदी ने किया उल्लेख।

निर्जन द्वीप का अपना एक इतिहास है

कच्चातिवु द्वीप का मसला आजादी से पहले का है और यह आज भी भारत और श्रीलंका के बीच विवाद का मुद्दा बना हुआ है। इस निर्जन द्वीप का अपना एक अलग इतिहास है। इस पर हुए अंतरराष्ट्रीय आपसी करारों पर तमिलनाडु सरकार ने सवाल उठाए हैं। साल 1974 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने श्रीलंका के अपने समकक्ष श्रीमावो भंडारनायके का साथ समझौता किया और इस द्वीप को उन्हें दे दिया। जबकि 1991 में तमिलनाडु विधानसभा में कच्चातिवु द्वीप को अपना बताते हुए इसे श्रीलंका से वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया गया।

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