देश की राजधानी दिल्ली में पिछले महीने हुए जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस आंदोलन के पैमाने पर गौर करें, छात्रों के भेष में कई अपराधी भी घुस आए थे... उनके बयान पर राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गौर हो कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज पर सियासी बवाल जारी है।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू पर भड़के राहुल गांधी (फाइल फोटो)
केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने दावा किया था कि किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा, किसी की भी हड्डी नहीं टूटी...इस बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
'देश के बच्चों से झूठ मत बोलिए। उनके पास आंखें हैं और याददाश्त भी...'
उन्होंने ट्वीट कर लिखा- मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि 'दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए' संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियां चलीं, एक बच्चे की आंख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया। इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए? मैं ख़ुद उन घायल बच्चों से मिला हूँ। हज़ारों वीडियो देश ने देखे हैं।इस सरकार का मूल मंत्र ही असत्य और हिंसा है। पहले बच्चों पर लाठी चलाओ, फिर बोल दो कि कुछ हुआ ही नहीं।पूरे सत्र 'लापता' अमित शाह विपक्ष से भागते रहे। और प्रधानमंत्री ने आज तक छात्रों से माफ़ी नहीं माँगी।सच्चाई यह है कि इस देश के लिए सबसे बड़ा ख़तरा यही दिमाग से खाली लोग हैं - जिन्हें न अपनी ग़लती दिखती है, और दिखने पर मानते नहीं। देश के बच्चों से झूठ मत बोलिए। उनके पास आंखें हैं और याददाश्त भी।
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पुणे में छात्रों की गूंज' कार्यक्रम
वहीं महाराष्ट्र के पुणे में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने 18 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक निषेधाज्ञा (जमाबंदी आदेश) लागू कर दी है। पुलिस ने जिन तारीखों के बीच यह निषेधा लागू की है, उसी दौरान पुणे में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम होना है। जिसके बाद से यह सवाल उठने लगा है कि क्या राहुल गांधी के कार्यक्रम के कारण पुलिस ने यह आदेश लागू किया है? हालांकि पुलिस ने इसे एक रूटीन एक्शन बता रही है।
