Kiran Kumar Reddy : संयुक्त आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके किरण कुमार रेड्डी शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। दिल्ली में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं अन्य नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा का दामन थामा। जोशी ने इस मौके पर रेड्डी को पार्टी की सदस्यता प्रदान की। पार्टी मुख्यालय में आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम का स्वागत पटका पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर किया गया। रेड्डी के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री एके अंटनी के बेटे अनिल एंटनी भाजपा में शामिल हुए।
भाजपा में शामिल हुए किरण कुमार रेड्डी।
इस्तीफे के बाद भाजपा में शामिल होने की अटकलें थीं
कुछ सप्ताह पहले रेड्डी ने अपना एक पंक्ति का हस्ताक्षर वाला पत्र पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा था। उनके इस्तीफे के बाद से ही अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं कि वह भाजपा में शामिल होंगे। बता दें कि कांग्रेस से रेड्डी का इस्तीफा पहली बार नहीं हुआ है। आंध्र प्रदेश को विभाजित करने के के लिए यूपीए सरकार के फैसले के विरोध में उन्होंने साल 2014 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
#WATCH | Kiran Kumar Reddy, who served as the CM of united Andhra Pradesh, joins Bharatiya Janata Party in Delhi t.co/WrlGjG5Uwr
— ANI (@ANI) Apr 7, 2023
2014 में कांग्रेस छोड़कर बनाई अपनी पार्टी
बाद में रेड्डी ने अपनी अलग पार्टी बनाई और 2014 के चुनाव में कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवार भी खड़े किए। चुनाव में सफलता नहीं मिलने और राजनीतिक आधार बनाने में असफल होने पर रेड्डी राजनीति से कुछ समय तक दूर रहे। साल 2018 में वह दोबारा कांग्रेस में शामिल हो गए।
कांग्रेस के लिए नुकसानदायक हुआ आंध्र के विभाजन का फैसला
बता दें कि आंध्र प्रदेश के विभाजन का फैसला कांग्रेस के लिए अच्छा नहीं रहा। इस फैसले की उसे भारी कीमत चुकानी पड़ी है। आंध्र प्रदेश से अलग राज्य तेलंगाना का गठन करने के बाद कांग्रेस के नेता पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में शामिल हुए। कांग्रेस के राजनीतिक नुकसान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के विभाजन के बाद पार्टी आंध्र प्रदेश में लोकसभा एवं विधानसभा की एक सीट भी नहीं जीत पाई।
कभी सोचा नहीं कांग्रेस छोड़नी पड़ेगी-रेड्डी
भाजपा में शामिल होने क बाद रेड्डी ने कहा, 'मैंने कभी सोचा भी नहीं था की मुझे कभी कांग्रेस छोड़नी पड़ेगी। बहुत पुराना मेरा कांग्रेस से रिश्ता रहा है। पार्टी नेतृत्व की गलत नीतियों की वजह से पार्टी लगातार गिर रही है। कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होती। और ये सिर्फ एक प्रदेश की कहानी नहीं पूरे देश में पार्टी की कहानी है। किसको किस काम पर लगाना है वो पार्टी आलाकमान को पता ही नहीं है क्युकी वे नेताओं से मुलाकात और बात ही नहीं करते। बीजेपी ने अपनी यात्रा 1980 में शुरू की। अपने पहले चुनाव में उसने 2 सीटें जीती। पिछले चुनाव में 300 सीट जीती और कांग्रेस का ग्राफ लगातार गिरा।बीजेपी के लिए ये आसान नहीं था उसने बहुत मेहनत की।'
'गरीबों के लिए काम कर रही BJP'
पूर्व सीएम ने कहा, 'हार और जीत में सबको सही समीक्षा करनी चाहिए। लेकिन कांग्रेस समीक्षा ही नहीं करती और लगातार उसका ग्राफ गिरता जा रहा है। सिर्फ मैं ही ठीक हूं जनता ठीक नहीं ये सोच ठीक नहीं। बीजेपी की जब बात होती तो विकास और राष्ट्र निर्माण की बात होती है। ये सरकार लगातार गरीबों के विकास के लिए काम कर रही है। पार्टी एक विजन के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी है, ये भी एक प्रेरणा की बात है।'
