Kejriwal Cabinet Reshuffle: राज्यसभा में दिल्ली सेवा विधेयक के पास होते ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मंगलवार को अपनी कैबिनेट में बदलाव किया है। उन्होंने सर्विस और विजिलेंस डिपार्टमेंट की कमान अब मंत्री आतिशी को सौंप दी है। ये दोनों विभाग अब तक सौरभ भारद्वाज के पास थे। इस फेरबदल की फाइल भी सीएम केजरीवाल ने उपराज्यपाल के पास भेजी है।
अरविंद केजरीवाल
खास बात यह है कि अरविंद केजरीवाल की ओर से कैबिनेट में यह फेरबदल ऐसे समय पर किया गया है, जब एक दिन पहले ही दिल्ली में अधिकारों के बंटवारे से संबंधित दिल्ली सेवा बिल राज्यसभा में पास हुआ है। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए इस बिल को राज्यसभा में समर्थन में 131 तो विरोध में 102 वोट मिले थे।
राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते ही बन जाएगा कानून
दिल्ली सेवा बिल के नाम से चर्चित 'राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण विधेयक 2023' राज्यसभा में पास हो चुका है। इससे पहले यह बिल लोकसभा में भी पास हो गया था। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर होते ही यह विधेयक कानून में तब्दील हो जाएगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा में बिल पारित होने के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, यह विधेयक संविधान और अधिकारों पर हमला है। केंद्र सरकार इस विधेयक के जरिए दिल्ली के लोगों के मताधिकार हो छीनना चाह रही है। इस कानून के बाद दिल्ली में चुनी हुई सरकार का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
जानिए किसके पास होगा क्या अधिकार
राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के दिल्ली के मुख्यमंत्री होंगे। इसके अलावा दिल्ली सरकार के प्रधान गृह सचिव इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। वहीं दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव भी इस प्राधिकरण का हिस्सा होंगे। बहुमत के आधार पर ये प्राधिकरण दिल्ली के उपराज्यपाल को सेवाओं संबंधित मामलों में सुझाव देगा। हालांकि, एलजी की मुहर के बाद ही किसी सुझाव को अमल में लाया जा सकता है।
