Mann ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह कश्मीर और देश के दुश्मनों द्वारा क्षेत्र की उल्लेखनीय प्रगति को पटरी से उतारने का एक हताश प्रयास था। अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' (Mann ki Baat) के 121वें एपिसोड के दौरान बोलते हुए मोदी ने कहा कि कश्मीर ने हाल के वर्षों में अभूतपूर्व विकास देखा है, पर्यटन में तेजी आई है और युवाओं के लिए अवसरों में वृद्धि हुई है।
'मन की बात' में पहलगाम आतंकी हमले पर प्रधानमंत्री ने बात रखी
पहलगाम में हुए हमले को 'आतंकवाद को संरक्षण देने वालों' की हताशा को दर्शाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'ऐसे समय में जब कश्मीर में शांति लौट रही थी, स्कूलों और कॉलेजों में रौनक थी, लोकतंत्र मजबूत हो रहा था, पर्यटन में वृद्धि हो रही थी और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे थे, लेकिन जम्मू-कश्मीर और देश के दुश्मनों को यह पसंद नहीं आया। आतंकवादी एक बार फिर कश्मीर को नष्ट करना चाहते हैं।'
'पहलगाम में हुई आतंकी वारदात ने देश के हर नागरिक को दुख पहुंचाया है'
पीएम मोदी ने कहा- मन में गहरी पीड़ा है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुई आतंकी वारदात ने देश के हर नागरिक को दुख पहुंचाया है। पीड़ित परिवारों के प्रति हर भारतीय के मन में गहरी संवेदना है।भले वो किसी भी राज्य का हो, वो कोई भी भाषा बोलता हो, लेकिन वो उन लोगों के दर्द को महसूस कर रहा है, जिन्होंने इस हमले में अपने परिजनों को खोया है।मुझे ऐहसास है, हर भारतीय का खून, आतंकी हमले की तस्वीरों को देखकर खौल रहा है।
पहलगाम में हुआ ये हमला, आतंक के सरपरस्तों की हताशा को दिखाता है, उनकी कायरता को दिखाता है।ऐसे समय में जब कश्मीर में शांति लौट रही थी, स्कूल-कॉलेजों में एक vibrancy थी, निर्माण कार्यों में अभूतपूर्व गति आई थी, लोकतंत्र मजबूत हो रहा था, पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही थी, लोगों की कमाई बढ़ रही थी, युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे थे।देश के दुश्मनों को, जम्मू-कश्मीर के दुश्मनों को, ये रास नहीं आया।
'आतंकी और आतंक के आका चाहते हैं, कश्मीर फिर से तबाह हो जाए'
आतंकी और आतंक के आका चाहते हैं, कश्मीर फिर से तबाह हो जाए और इसलिए इतनी बड़ी साजिश को अंजाम दिया।आतंकवाद के खिलाफ इस युद्ध में देश की एकता, 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता, हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यही एकता, आतंकवाद के खिलाफ हमारी निर्णायक लड़ाई का आधार है।
हमें देश के सामने आई इस चुनौती का सामना करने के लिए अपने संकल्पों को मजबूत करना है।हमें एक राष्ट्र के रूप में दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करना है। आज दुनिया देख रही है, इस आतंकी हमले के बाद पूरा देश एक स्वर में बोल रहा है।
'इस हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को कठोरतम जवाब दिया जाएगा'
भारत के हम लोगों में जो आक्रोश है, वो आक्रोश पूरी दुनिया में है। इस आतंकी हमले के बाद लगातार दुनिया भर से संवेदनाएं आ रही हैं। मुझे भी Global leaders ने phone किए हैं, पत्र लिखे हैं, संदेश भेजे हैं। इस जघन्य तरीके से किए गए आतंकी हमले की सब ने कठोर निंदा की है। उन्होंने मृतकों के परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। पूरा विश्व, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में, 140 करोड़ भारतीयों के साथ खड़ा है। मैं पीड़ित परिवारों को फिर भरोसा देता हूँ कि उन्हें न्याय मिलेगा, न्याय मिलकर रहेगा। इस हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को कठोरतम् जवाब दिया जाएगा।
