Vande Bharat Express Train: देशभर में चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में से कासरगोड-त्रिवेंद्रम (Kasaragod Trivandrum Vande Bharat) ट्रेन ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और उसमें औसतन 183 प्रतिशत यात्रियों ने सफर किया। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक देशभर में अप और डाउन 23 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में से केरल में त्रिवेंद्रम और कासरगोड के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस औसतन 176 प्रतिशत यात्रियों के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली ट्रेन है। इसके बाद गांधीनगर-मुंबई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस औसतन 134 फीसदी यात्रियों के साथ तीसरे नंबर पर है। इसका तात्पर्य किसी ट्रेन रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की कुल संख्या की गणना से है। जिसमें बीच के स्टेशनों पर चढ़ने और उतरने वाले दोनों शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति ने ट्रेन में पॉइंट ए से पॉइंट बी तक टिकट बुक किया है तो इसे एक बुकिंग माना जाता है। एक अधिकारी ने कहा कि प्वाइंट बी से एक अन्य यात्री प्वाइंट सी तक यात्रा करने के लिए एक ही सीट बुक करता है, इसलिए एक ही सीट पर दो बुकिंग होती हैं।
कासरगोड-त्रिवेंद्रम सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन (तस्वीर-फेसबुक)
अन्य बेतरीन ऑक्यूपेंसी वाली वंदे भारत एक्सप्रेस
टॉप ऑक्यूपेंसी वाली ट्रेनों में मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस (129 प्रतिशत), वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस (128 प्रतिशत), नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस (124 प्रतिशत), देहरादून-अमृतसर वंदे भारत एक्सप्रेस (105 प्रतिशत), मुंबई-शोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस (111 प्रतिशत), शोलापुर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस (104 प्रतिशत) शामिल हैं। पूर्वी क्षेत्र में हावड़ा-जलपाईगुड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस की औसत ऑक्यूपेंसी 108 प्रतिशत है और वापसी यात्रा पर इसने 103 प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी दर्ज की है। पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस में 125 प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी है, जबकि वापसी यात्रा में इसकी ऑक्यूपेंसी 127 प्रतिशत है। जिन ट्रेनों में ऑक्यूपेंसी बढ़ाने की जरुरत है उनमें अजमेर से दिल्ली छावनी वंदे भारत एक्सप्रेस (60 प्रतिशत) और दिल्ली छावनी से अजमेर ट्रेन (83 प्रतिशत) शामिल हैं।
अब तक 46 वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा में है
पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत 15 फरवरी, 2019 को हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 फरवरी 2019 को नई दिल्ली और वाराणसी उत्तर प्रदेश के बीच पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखायी थी, जो चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में पूरी तरह से स्वदेश निर्मित ट्रेन है। अब तक 46 वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं देश के सभी रेल-विद्युतीकृत राज्यों तक पहुंच चुकी हैं। कुल 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस का बेड़ा अपनी समय बचाने वाली सुविधा के कारण लगातार बढ़ रहा है, जो अन्य ट्रेनों की तुलना में औसतन एक घंटे की बचत करता है। 160 किमी प्रति घंटे तक की अधिकतम स्वीकार्य गति के साथ यह स्पीड प्रदान करता है। वंदे भारत एक्सप्रेस जिन रूटों पर चल रही हैृ उनमें यह सबसे तेज यात्री ट्रेन है।
बजट में की गई थी 400 वंदे भारत भारत ट्रेनों की घोषणा
1 अप्रैल 2022 से 21 जून 2023 तक, वंदे भारत एक्सप्रेस ने 2140 यात्राएं पूरी की हैं और कुल 2,520,370 यात्रियों को सेवा प्रदान की है। 1 फरवरी 2022 को बजट भाषण के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बेहतर ऊर्जा दक्षता और यात्री अनुभव का वादा करते हुए 400 नई पीढ़ी की वंदे भारत ट्रेनों के विकास और निर्माण की घोषणा की थी। जुलाई 2022 तक, 102 वंदे भारत ट्रेनों के उत्पादन के लिए टेंडर प्रदान की गई है, जबकि 200 अतिरिक्त वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण के लिए एक और टेंडर जारी की गई है।
