जनस्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा की गंभीर चिंताओं का हवाला देते हुए कर्नाटक सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स—अमेजन (Amazon), स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) और बिगबास्केट (Bigbasket) के फूड लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित करने के निर्देश जारी किए हैं। यह कार्रवाई इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर जहरीले 'धतूरे' के फल और बीज की बिक्री और वितरण के कारण की गई है।
ऑनलाइन फूड कंपनियों पर शिकंजा
आपूर्तिकर्ताओं के लाइसेंस रद्द
सरकार ने इन तीनों ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को धतूरा की आपूर्ति करने वाले विक्रेताओं और प्रतिष्ठानों के लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। सभी संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को निर्देश दिया गया है कि वे खाद्य या मानव उपभोग के उद्देश्य से की गई धतूरे से जुड़ी सभी ऑनलाइन लिस्टिंग, विज्ञापनों और प्रमोशनल सामग्री को तुरंत प्रभाव से हटाएं और भविष्य में इसकी बिक्री पूरी तरह बंद करें।
अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई
'खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन' (Food Safety and Drug Administration) ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSSA Act 2006) के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। सक्षम अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निलंबन की कार्रवाई कर जल्द से जल्द अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
क्यों लिया गया यह फैसला?
विभाग के संज्ञान में आया था कि FSSAI लाइसेंस के तहत कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर धतूरा के फल और बीज बिक्री के लिए प्रदर्शित किए जा रहे थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धतूरे के पौधे में अत्यधिक जहरीले गुण होते हैं। इसके फल और बीजों का किसी भी रूप में सेवन करने से मानव स्वास्थ्य पर बेहद गंभीर और जानलेवा प्रभाव पड़ सकते हैं। इसे अंग्रेजी में 'थॉर्न एप्पल' (Thorn Apple) और तमिल में 'उमथई' (Umathai) कहा जाता है।
आगे क्या होगी प्रक्रिया?
अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के फूड लाइसेंस का निलंबन अगले आदेश तक लागू रहेगा। कंपनियों द्वारा अनुपालन रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद ही लाइसेंस के निलंबन को वापस लेने पर अलग से विचार किया जाएगा। राज्य और केंद्र के नामित अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इन प्लेटफॉर्म्स को माल सप्लाई करने वाले विक्रेताओं पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य के हित में सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और खाद्य कारोबारियों को इन नियमों का शत-प्रतिशत और तत्काल पालन करना अनिवार्य है।
