कर्नाटक कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें एक बार फिर से गर्मा गई हैं। चन्नगिरी के विधायक बसवराजू वी. शिवगंगा द्वारा उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को "अगला मुख्यमंत्री" बताए जाने के बाद कांग्रेस की कर्नाटक इकाई की अनुशासन समिति ने रविवार को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
चन्नगिरी के विधायक बसवराजू वी शिवगंगा (फोटो- Basavaraju-V-Shivaganga)
क्या बोले थे विधायक
शिवगंगा ने शनिवार को दावणगेरे में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा था, "दिसंबर के बाद डीके मुख्यमंत्री बनेंगे...", जिससे राज्य में एक बार फिर से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा तेज हो गई। यह बयान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के उस बयान के ठीक बाद आया जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।
नोटिस में क्या
कांग्रेस की राज्य इकाई ने विधायक के इस बयान को पार्टी अनुशासन का उल्लंघन बताया है। अनुशासन समिति के समन्वयक निवेदित अल्वा की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि विधायक के बयान से पार्टी के भीतर भ्रम और असहजता की स्थिति उत्पन्न हुई है। अल्वा ने नोटिस में लिखा- "आपने मुख्यमंत्री बदलने के संबंध में मीडिया में बयान दिए हैं, जिससे पार्टी को सार्वजनिक रूप से असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। यह कांग्रेस के अनुशासन का सीधा उल्लंघन है।" शिवगंगा को नोटिस के सात दिनों के भीतर अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
डी.के. शिवकुमार भी नाराज
कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी शिवगंगा के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है और इससे जनता में गलत संदेश जाता है। "किसी को भी मुख्यमंत्री पद और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर बयान नहीं देना चाहिए। विधायकों को पार्टी अनुशासन का पालन करना चाहिए। उन्हें पहले भी इस संबंध में सख्त निर्देश दिए गए हैं।" – डी.के. शिवकुमार
सिद्धारमैया बनाम डीके
कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता और नेतृत्व को लेकर अंदरूनी खींचतान लंबे समय से चली आ रही है। चुनाव पूर्व डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अंततः सिद्धरमैया को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, नेतृत्व के दोहरे चेहरे के चलते समय-समय पर ऐसी अटकलें सामने आती रही हैं कि कार्यकाल के बीच में नेतृत्व परिवर्तन संभव है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पहले ही कह चुके हैं कि वे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, लेकिन शिवगंगा जैसे नेताओं के बयान इन अटकलों को फिर से हवा देते हैं।
