Karnataka: कर्नाटक में कांग्रेस (Congress) पिछले कई महीनों से चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है। पिछले कुछ वर्षों में हार के बाद यह पहला राज्य है, जहां इतने पहले से कांग्रेस चुनावी तैयारी में जुटी है। कांग्रेस के कर्नाटक प्लान में फंड की कोई कमी न हो इसके लिए यहां उसने टिकट पर फीस लगाने का निर्णय किया है।
कर्नाटक जीत के लिए कांग्रेस का प्लान तैयार
कर्नाटक कांग्रेस ने कहा कि जो कोई भी पार्टी के नेता चुनाव लड़ना चाहते हैं, उन्हें फीस के तौर पर 2 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट पार्टी को देना पड़ेगा। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने कहा- "कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है, सारी तैयारियां चल रही हैं। जो लोग कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ना चाहते हैं, उनके लिए हम आवेदन आमंत्रित कर रहे हैं, जो इच्छुक हैं वे आवेदन कर सकते हैं और इसे 5-15 नवंबर के बीच कांग्रेस कार्यालय में जमा कर सकते हैं।"
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आवेदन शुल्क 5,000 रुपये है। साथ ही सामान्य श्रेणी के आवेदकों को आवेदन जमा करते समय 2 लाख रुपये का डीडी और सदस्यता विवरण संलग्न करना होगा। हालांकि अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के आवेदकों के लिए 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। उन्हें 1 लाख रुपये का डीडी जमा करना होगा। उन्होंने कहा- "जो लोग हमारी पार्टी से 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, मौजूदा विधायकों सहित जो टिकट चाहते हैं, उन्हें आवेदन करना होगा।"
साथ ही जो लोग कांग्रेस में शामिल होकर चुनाव लड़ना चाहते हैं, उनके लिए सदस्यता अभियान फिर से शुरू किया गया है। एक तय प्रक्रिया के बाद उनपर फैसला किया जाएगा। हालांकि शिवकुमार ने किसी नेता का नाम नहीं लिया लेकिन दावा किया कि कुछ अन्य दलों के नेता पार्टी में शामिल होना चाहते हैं और उनके संपर्क में हैं।
उन्होंने कहा- "यह उन सभी के लिए एक अवसर है, जो इसके सिद्धांतों, आदर्शों और नेतृत्व को स्वीकार कर कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। वे सभी आवेदन कर सकते हैं और वरिष्ठ कांग्रेसी अल्लाम वीरभद्रप्पा के नेतृत्व में जो समिति है, वह जांच करेगी और सदस्यता देने पर फैसला करेगी।"
वहीं आवेदन फीस के नाम पर उन्होंने कहा -"हमें पार्टी की गतिविधियों के लिए धन की आवश्यकता होगी, हमारे भवन, चुनाव अभियान, विज्ञापन, मीडिया विज्ञापनों के निर्माण के लिए … हमें चुनावी बांड नहीं मिल रहे हैं, वे केवल भाजपा को जाते हैं। इसलिए, हमें पार्टी कार्यकर्ताओं से पैसा इकट्ठा करना होगा।"
