हाल ही में हुए कर्नाटक कैबिनेट विस्तार के बाद अब डीके शिवकुमार अपनी कैबिनेट में एक महिला मंत्री की एंट्री कराने वाले हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बुधवार को संकेत भी दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल में जल्द ही एक महिला मंत्री को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है और अगले कुछ दिनों में कैबिनेट में महिला मंत्री की नियुक्ति की जा सकती है।
शिवकुमार कैबिनेट में महिला मंत्री की एंट्री की तैयारी।
बताया कब होगी एंट्री
एक इवेंट में जब उनसे कर्नाटक मंत्रिमंडल में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने ये जवाब दिया। शिवकुमार ने कहा कि उनके मंत्रिमंडल में महिला मंत्री जरूर होंगी। उन्होंने कहा कि एक नाम को मंजूरी दी जा रही थी, लेकिन अंतिम समय में कुछ मुद्दे सामने आ गए। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले कुछ दिनों में एक महिला मंत्री को मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया जाएगा।
अभी कैसी है शिवकुमार कैबिनेट
सनद रहे कि शिवकुमार सरकार में फिलहाल 34 स्वीकृत मंत्री पदों के मुकाबले 33 मंत्री हैं। ऐसे में एक पद खाली है और माना जा रहा है कि इसी पद पर महिला विधायक या विधान परिषद सदस्य को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
शिवकुमार ने तीन अगस्त को मुख्यमंत्री बनने के करीब दो महीने बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। इस दौरान 19 मंत्रियों को शामिल किया गया था। कांग्रेस ने 20 नामों की घोषणा की थी, जिसमें विधान परिषद सदस्य गायत्री शांतिगौड़ा का नाम भी शामिल था,लेकिन अंतिम समय में उनका नाम हटा दिया गया था।
नागेंद्र की वापसी पर शिवकुमार ने दी सफाई
इस दौरान मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बी.नागेंद्र को दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर भी सफाई दी। नागेंद्र पर कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में हुए कथित 89 करोड़ रुपये के घोटाले में संलिप्तता के आरोप लगे थे। इन आरोपों के बीच उन्होंने पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।शिवकुमार ने कहा कि सरकार में चर्चा के बाद नागेंद्र ने इस्तीफा दिया था। हालांकि, बाद में सामने आई आधिकारिक रिपोर्ट में उन्हें घोटाले में शामिल नहीं पाया गया। इसके बाद उन्हें फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह घोटाला नागेंद्र ने नहीं किया था।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच के दौरान करीब 95 प्रतिशत धनराशि बरामद कर ली गई। शिवकुमार के मुताबिक, आधिकारिक जांच में नागेंद्र की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में वापस लाने का फैसला किया गया।
