Karnataka Bandh 2023 Date, Timings: 29 सितंबर को समूचा कर्नाटक रहेगा बंद पर इन चीजों पर न पड़ेगा असर, जानिए क्या है पूरे विवाद की जड़

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Sep 27, 2023, 11:43 AM IST

Karnataka Bandh Friday on 29 September 2023, Bangalore Karnataka Bandh 2023 Date, Timings: वैसे, इससे पहले कावेरी नदी जल विवाद को लेकर किसानों और कन्नड़ संगठनों की ओर से बुलाए गए ‘बेंगलुरु बंद’ को मंगलवार (26 सितंबर, 2023) को आंशिक प्रतिक्रिया मिली थी। अधिकतर सार्वजनिक सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हुईं। बंद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) ने समर्थन दिया था। दोनों दलों ने कावेरी जल विवाद मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया नीत कांग्रेस सरकार की आलोचना की है।

Karnataka Bandh Friday on 29 September 2023, Bangalore Karnataka Bandh 2023 Date, Timings: दक्षिण भारत के कर्नाटक में शुक्रवार (29 सितंबर, 2023) को बंद का आह्वान किया गया है। कन्नड समर्थित एक्टिविस्ट वटल नागराज ने दावा किया है कि यह बंद गंभीर विरोध प्रदर्शन रहेगा। कावेरी जल विवाद को लेकर बुलाए गए इस बंद के दौरान विभिन्न सेवाएं प्रभावित रहेंगी। हालांकि, इस दौरान कुछ चीजों को छूट रहेगी और वे सामान्यतः चलती रहेंगी। आइए, जानते हैं बंद से जुड़ी बड़ी और अहम बातें:

Karnataka Bandh 2023 Date-Timings

Karnataka Bandh 2023 Date, Timings: तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

इन चीजों को रहेगी छूट

  • नम्मा मेट्रो
  • अस्पताल
  • फॉर्मेसी/मेडिकल स्टोर
  • सरकारी दफ्तर
  • बैंक

क्या रहेगा बंद?

  • प्राइवेट टैक्सी
  • दुकानें, मॉल और स्ट्रीट वेंडर्स
  • मूवी थियेटर, मल्टीप्लेक्स
  • होटल और रेस्त्रां
  • एयरपोर्ट भी बाधित हो सकते हैं
  • नेशनल हाईवे ब्लॉक हो सकते हैं
  • केएसआरटीसी की सेवाएं

बंद की क्या रहेगी टाइमिंग?

सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक

26 सितंबर को बुलाया गया था 'बेंगलुरू बंद'

वैसे, इससे पहले कावेरी नदी जल विवाद को लेकर किसानों और कन्नड़ संगठनों की ओर से बुलाए गए ‘बेंगलुरु बंद’ को मंगलवार (26 सितंबर, 2023) को आंशिक प्रतिक्रिया मिली थी। अधिकतर सार्वजनिक सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हुईं। बंद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) ने समर्थन दिया था। दोनों दलों ने कावेरी जल विवाद मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया नीत कांग्रेस सरकार की आलोचना की है।

क्या है पूरा मामला? समझिए

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की ओर से कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और विनियमन समिति के आदेशों में हस्तक्षेप करने से इन्कार करने के बाद कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। इन आदेशों में कर्नाटक को पड़ोसी तमिलनाडु को 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था। किसान संगठनों और कन्नड़ समर्थक संगठनों की ओर से कावेरी बेसिन जिलों - मैसूर, मांड्या, चामराजनगर, रामनगर, बेंगलुरु - और राज्य के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुआ था। वे राज्य सरकार से पड़ोसी राज्य के लिए पानी न छोड़ने का आग्रह करते दिखे थे। कर्नाटक की ओर से कहा गया कि वह जल छोड़ने की स्थिति में नहीं है। ऐसा इसलिए, क्योंकि मानसून में कम बारिश के चलते पानी की कमी है। साथ ही कावेरी बेसिन इलाकों में खड़ी फसल की सिंचाई और पेयजल से जुड़ी जरूरतों की वजह से उसे खुद इसकी जरूरत है।

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