Kanha National Park Tiger Deaths: मध्यप्रदेश के मंडला स्थित कान्हा बाघ अभयारण्य (केटीआर) के सरही जोन में बाघ का एक शावक मृत पाया गया, जिसके बाद पिछले पांच दिनों में इस क्षेत्र में मरने वालों बाघों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक सात जनवरी से अब तक शावकों सहित 24 बाघों की मौत हो चुकी है। इस साल सात जनवरी को बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य में किसी बाघ की मौत की पहली रिपोर्ट दर्ज हुई थी। ज्ञात हो कि 2022 की गणना के अनुसार मध्यप्रदेश में 785 बाघ थे और यह संख्या देश में सबसे अधिक थी।
बाघिन नहीं कर पा रही शिकार, भूख से बुरा हाल...भारत में कहां हुई 24 बाघों की मौत?
बाघिन शिकार करने में असमर्थ
केटीआर के क्षेत्र निदेशक रवींद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि मादा शावक शनिवार शाम को मृत पाई गई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जबलपुर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि गत पांच दिनों में मृत पाए गए तीनों शावक अमाही क्षेत्र की बाघिन (टी-141) के थे। अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक निष्कर्षों के मुताबिक बाघिन कमजोर हो गई थी और इस कारण वह शिकार करने में असमर्थ थी।
उन्होंने कहा कि भूख के कारण शावकों के मरने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, जांच के बाद सटीक कारणों का पता लगाया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि 21 अप्रैल को सरहीनाकन बीट में अमाही नाले के पास एक नर शावक मृत पाया गया था, जिसकी मौत का कारण प्राकृतिक बताया गया था। एक अन्य नर शावक का अवशेष 23 अप्रैल को इंटावारा नाला के पास मिला था।
बाघ अभ्यारण्य क्षेत्र में अतिक्रमण के प्रयास
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित उदंती-सीतानदी बाघ अभयारण्य के मुख्य क्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण की कोशिश और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पांच महिलाओं समेत 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वन अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को सीतानदी वन परिक्षेत्र के आरक्षित क्षेत्र नकबेल/घोटबेड़ा से इन आरोपियों को उस समय पकड़ा गया, जब वे हथियारों के साथ वन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। मामले में 25 अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
