कण कण में राम: अयोध्या से मनोज मुंतशिर की राम कथा, सरयू के तट गीतकार की प्रायश्चित

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 19, 2024, 11:25 PM IST

कण-कण में राम: जब नाविका कुमार ने पूछा कि आदिपुरुष वाले मनोज मुंतशिर और आज के मनोज मुंतशिर में क्या बदलाव आया है। तब मनोज ने कहा कि आदिपुरुष में मुझसे कुछ भूल हुई, उसके लिए मैंने क्षमा मांगी।

कण-कण में राम: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Inauguration) को लेकर अयोध्या में जोर-शोर से तैयारियां चल रही है। आगामी 22 जनवरी को रामलला गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे। वहीं इसको लेकर गीतकार मनोज मुंतशिर (Manoj Muntashir) ने Times Now Navbharat से Exclusive बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस पल के लिए हमारे पूर्वजों ने 500 साल का रास्ता देखा है।

End of Feed