Kailash Manasarovar Yatra: कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर सरकार का प्लान सामने आ गया है। विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा जून से अगस्त 2025 के दौरान आयोजित की जाएगी। इसमें पांच जत्थे होंगे, इनमें से प्रत्येक में 50 यात्री होंगे। इसी तरह 10 जत्थे में भी प्रत्येक में 50 यात्री होंगे जो लिपुलेख दर्रे को पार करते हुए उत्तराखंड से होकर और नाथू ला दर्रे को पार करते हुए सिक्किम राज्य से होकर यात्रा करेंगे।
कैलाश मानसरोवर यात्रा
आवेदन के लिए वेबसाइट खोली गई
kmy.gov.in वेबसाइट आवेदन स्वीकार करने के लिए खोल दी गई है। यात्रियों का चयन आवेदकों में से निष्पक्ष, कंप्यूटर द्वारा तैयार, रैंडम और लिंग-संतुलित चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
चयन की पूरी प्रक्रिया कम्प्यूटरीकृत
साल 2015 से ऑनलाइन आवेदन से लेकर यात्रियों के चयन तक की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत है। इसलिए, आवेदकों को जानकारी प्राप्त करने के लिए पत्र या फैक्स भेजने की आवश्यकता नहीं है। वेबसाइट पर फीडबैक विकल्पों का उपयोग जानकारी प्राप्त करने, टिप्पणियां दर्ज करने या सुधार के लिए सुझाव देने के लिए किया जा सकता है।
चीन से टकराव कम होने के बाद लिया फैसला
इसी महीने 17 अप्रैल को भारत ने कहा था कि कैलाश मानसरोवर यात्रा जल्द ही फिर से शुरू होने की संभावना है और इस बारे में सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी। भारत ने कहा कि भारत और चीन पिछले वर्ष अक्टूबर में हुए समझौते के तहत डेमचोक और देपसांग के दो शेष टकराव बिंदुओं पर सैनिकों की वापसी पूरी करने के बाद संबंधों को सुधारने के प्रयासों के तहत कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2020 के बाद से नहीं हुई
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हम शीघ्र ही कैलाश मानसरोवर यात्रा पर सार्वजनिक सूचना जारी करेंगे और यात्रा जल्द ही दोबारा शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा, यात्रा इस वर्ष होगी और हम इसकी तैयारियां कर रहे हैं। जल्द ही जनता के लिए अधिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। कैलाश मानसरोवर यात्रा 2020 के बाद से नहीं हुई है।
भारत-चीन ने जताई सहमति
द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से इसी साल जनवरी 2025 में भारत और चीन ने 2020 से बंद कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra 2025) को फिर से शुरू करने का फैसला किया था। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और चीनी विदेश मंत्री मंत्री वांग यी के बीच बैठक के दौरान नई दिल्ली और बीजिंग ने सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई गई थी।
