जोशीमठ (Joshimath) में धामी सरकार (Dhami Government) के खिलाफ स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे आए हैं। बता दें जोशीमठ में आई आपदा में सरकार की तरफ से मिल रही सुविधाओं में लेट-लतीफी और अनदेखी के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे है। इस दौरान लोगों ने मशाल जलाकर NTPC Go Back के नारे लगाए।
शुक्रवार की शाम मशाल लेकर सभी आपदा प्रभावित सड़क पर उतरे और जुलूस आयोजित किया गया इस विरोध प्रदर्शन में महिलाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया, प्रदर्शनकारियों ने विरोध के साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र पुनर्वास नहीं किया गया तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में मशाल जुलूस बदरीनाथ हाईवे से होते हुए शहर के मुख्य तिराहे तक निकाला गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से आपदा प्रभावितों की लगातार उपेक्षा की जा रही है, 1 माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन अभी तक भी आपदा प्रभावितों का पुनर्वास नहीं हो पाया है और प्रभावित परिवार राहत शिविरों में दिन गुजार रहे हैं जिससे भारी दिक्कतें हो रही हैं।
Joshimath में मानसिक स्वास्थ्य ने विस्थापितों की पीड़ा और बढ़ाई
अनिद्रा, घबराहट, अवसाद और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव के पीड़ित मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जमीन की दरारें और चौड़ी होती जा रही हैं, ऐसे में राहत शिविरों में शरण लिए इन पीड़ितों के लिए ज्यों-ज्यों दिन हफ्ते में बदल रहे हैं उनकी चिंताएं और गहरी होती जा रही हैं।
'सैकड़ों अन्य लोग अब भी भाग्यशाली हैं कि वे अपने घरों में हैं'
संकट खत्म होने का कोई आसार नहीं दिखता, उत्तराखंड के जोशीमठ शहर में सैकड़ों अन्य लोग अब भी भाग्यशाली हैं कि वे अपने घरों में हैं, हालांकि वे चिंतित भी हैं कि कभी तो उन्हें भी सरकार द्वारा संचालित आश्रयों, होटलों में शरण लेना होगा या शहर को छोड़ना होगा।
