JPSC JSSC Protest Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं व धांधली के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान आज रांची की सड़कों पर भारी हंगामा देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ीं और लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।
रांची में छात्रों के 'विधानसभा घेराव' पर पुलिस का एक्शन, वाटर कैनन और लाठीचार्ज से मची भगदड़, कई अभ्यर्थी घायल
'हम पीछे खड़े थे, अचानक लाठियां बरसने लगीं': पीड़ित छात्र की आपबीती
लाठीचार्ज में घायल हुए छात्र अभ्यर्थी ब्रजकिशोर ने अपने दर्द और नाराजगी का इजहार करते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। छात्र ने अपने बयान में कहा, 'मैं बैरिकेडिंग से लगभग 150 से 200 मीटर पीछे खड़ा था। पुलिस द्वारा चलाए गए वाटर कैनन के कारण मैं थोड़ा भीगा हुआ भी था कि तभी अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। मुझे तुरंत समझ ही नहीं आया कि ऐसा क्यों हुआ। पुलिस अधिकारियों ने मुझे लाठी मारी, मैंने भागने की कोशिश की लेकिन मैं नीचे गिर पड़ा और मेरे पैर में भी चोट लग गई। हम कोई ऐसी हरकत नहीं कर रहे थे जिससे सरकार को लाठीचार्ज करना पड़े। हमारी मांगें बिल्कुल सीधी और सरल हैं... हमें सरकार से उम्मीदें हैं, फिर हमारे ऊपर लाठियां क्यों बरसाई जा रही हैं?'
'न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया': पुलिस प्रशासन की सफाई
दूसरी ओर, घटना पर स्थिति स्पष्ट करते हुए रांची के ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने पुलिस की कार्रवाई को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया जरूरी कदम बताया। एसपी गौरव गोस्वामी का पक्ष:
धारा 163 का उल्लंघन: एसपी ने कहा कि जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने अंतिम सुरक्षा बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश की, जहां पहले से ही धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू थी, तब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 'हल्का लाठीचार्ज' किया गया।
न्यूनतम बल का प्रयोग: पुलिस अधिकारियों के अनुसार बल का न्यूनतम प्रयोग किया गया है।
छात्रों से संवाद जारी: प्रशासन लगातार छात्रों से बातचीत कर रहा है। स्थिति फिलहाल शांत है और छात्र कुछ समय के लिए वहीं रुकने पर सहमत हो गए हैं।
