झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को राज्य सरकार ने एक बार फिर बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। अधिकारियों के अनुसार, छात्रों और प्रशासन के बीच सोमवार, 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे नई दौर की वार्ता होगी।
आंदोलनकारी छात्रों के साथ सरकार बातचीत को तैयार। X/@HemantSorenJMM
छात्रों के साथ SDO और ADM (कानून-व्यवस्था) के बीच हुई बैठक
यह फैसला रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन स्थल पर छात्रों के साथ SDO और ADM (कानून-व्यवस्था) की बैठक के बाद लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारी छात्रों को अपने कानूनी सलाहकार के साथ बातचीत में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है।
JPSC-JSSC Reforms Manch ने कही ये बात
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे JPSC-JSSC Reforms Manch ने कहा कि छात्रों ने सरकार के नए दौर की बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, संगठन ने साफ किया कि छात्र अपनी प्रमुख मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और कानूनी सलाहकार की मौजूदगी में वार्ता में हिस्सा लेंगे।
छात्रों की ये हैं प्रमुख मांगे
छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करना, मामले की CBI जांच कराना, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है।
गौरतलब है कि झारखंड सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है। वहीं, इससे पहले 9 अगस्त को हुई आखिरी वार्ता भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी। अब सोमवार को होने वाली बैठक पर प्रदर्शनकारी छात्रों और सरकार, दोनों की नजरें टिकी हैं।
20 अगस्त को सीएम आवास पर घेराव
वार्ता को लेकर ये नया अपडेट तब आया है जब आज ही जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने रविवार को सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया था। मंच ने कहा था कि शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांगों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है। मंच ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, "गांधी जी के रास्ते चलकर देख लिया, अब भगत सिंह बनते हैं।"आंदोलनकारी छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि अब आंदोलन की रणनीति बदली जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से शांतिपूर्ण प्रदर्शन, भूख हड़ताल और अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात रखने के बावजूद सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को 18 अगस्त तक मांगों पर ठोस फैसला लेना होगा। ऐसा नहीं होने पर 20 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्र और युवा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। मंच ने रविवार को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले भी जलाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन की सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार से जुड़ी उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
