Prashant Kishor Bail: जन सुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर को सोमवार दोपहर कोर्ट से सशर्त जमानत तो मिल गई लेकिन उन्होंने सशर्त जमानत लेने से इंकार कर दिया वहीं इस मामले में ताजा अपडेट ये है कि कोर्ट से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए प्रशांत किशोर, पटना के बेऊर जेल भेजे गए PK, वहीं इसको लेकर प्रशांत किशोर के समर्थक कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा कर रहे हैं।
सोमवार सुबह गांधी मैदान से गिरफ्तार किए गए प्रशांत किशोर।
बता दें कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर पटना के गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को पुलिस ने सोमवार तड़के गिरफ्तार किया। गिरफ्तार करने के बाद उन्हें मेडिकल के लिए पटना एम्स ले जाया गया। इस गिरफ्तारी का विरोध कर रहे जन सुराज पार्टी के समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई।
प्रतिबंधित स्थल के पास धरना दे रहे थे-डीएम
बीपीएसपी द्वारा 13 दिसंबर को आयोजित की गई परीक्षा के प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के विरोध में किशोर ने दो जनवरी को आमरण अनशन शुरू किया था और अनशन के पांचवें दिन उन्हें गिरफ्तार किया गया। जन सुराज पार्टी के समर्थकों के अनुसार, पुलिस किशोर को उनकी मेडिकल जांच के लिए पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले गई। पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘हां, गांधी मैदान में धरने पर बैठे किशोर और उनके समर्थकों को पुलिस ने सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। उन्हें अब अदालत में पेश किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि उनका धरना ‘गैरकानूनी’ था क्योंकि वे प्रतिबंधित स्थल के पास धरना दे रहे थे।
पीके की एम्स में हुई मेडिकल जांच
जिलाधिकारी ने कहा, ‘संबंधित अधिकारियों द्वारा बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद, वे वहां से नहीं हटे। जिला प्रशासन ने धरना राज्य की राजधानी के गर्दनीबाग इलाके में स्थानांतरित करने के लिए उन्हें नोटिस भी दिया गया था, जो विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल है।’एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पटना पुलिस ने गांधी मैदान के प्रतिबंधित स्थल पर आमरण अनशन करने के लिए किशोर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिला प्रशासन ने एक बयान जारी कर दावा किया कि ‘किशोर बिल्कुल ठीक हैं’। गिरफ्तारी के तुरंत बाद किशोर को मेडिकल जांच के लिए स्थानीय एम्स ले जाया गया। जब किशोर को एंबुलेंस में एम्स से बाहर ले जाया जा रहा था, उस दौरान उनके समर्थकों ने अस्पताल के बाहर सड़क जाम करने की कोशिश की।
13 दिसंबर को हुई थी परीक्षा
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘एम्स के बाहर इकट्ठा हुए किशोर के समर्थक यातायात को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे जिन्हें तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया।’अभ्यर्थी, बीपीएसपी द्वारा 13 दिसंबर को आयोजित की गई परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों के समर्थन में किशोर ने दो जनवरी को आमरण अनशन शुरू किया था। हालांकि, बीपीएससी ने 13 दिसंबर की परीक्षा में शामिल हुए कुछ छात्रों के एक समूह को फिर से परीक्षा देने का आदेश दिया था। शनिवार को यहां 22 केंद्रों पर पुन:परीक्षा आयोजित की गई।
22 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा
पटना में 22 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा हुई। कुल 12,012 अभ्यर्थियों में से 8,111 ने अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लिये थे। हालांकि, शनिवार को पुन:परीक्षा में 5,943 छात्र ही शामिल हुए। बीपीएससी ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि पुन:परीक्षा सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से हुई और किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं है।
