J&K:2022 में सुरक्षा बलों के 28 जवान हुए शहीद, DG जैसे बड़े ऑफिसर की हत्या नई चुनौती

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  • Updated Oct 4, 2022, 05:00 PM IST

गृह मंत्री अमित शाह साल 2019 में अनुच्छेद-370 हटने के बाद दूसरी बार जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। और इस बात के संकेत हैं कि राज्य में जल्द चुनाव कराए जा सकते हैं। इस बीच अभी डीजी (जेल) हेमंत कुमार लोहिया की हत्या ने बड़ी सनसनी फैला दी है। अगर यह आतंकी वारदात है तो मोदी सरकार के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो सकती है।

KEY HIGHLIGHTS
  • पिछले 8 साल में 533 सुरक्षा बलों के जवान और अधिकारी शहीद हुए हैं।
  • वहीं पिछले 8 साल में 1633 आतंकवादी मारे गए हैं। इस दौरान सबसे ज्यादा आतंकवादी साल 2017 और 2018 में मारे गए हैं।
  • राज्य में जल्द चुनाव की सुगबुगाहट है, और इसके संकेत केंद्र सरकार कई बार दे चुकी है।

J&K DG Murder Case: मंगलवार की सुबह जम्मू और कश्मीर के डीजी (जेल) हेमंत कुमार लोहिया की मौत की खबर ने सनसनी फैला दी है। यह हत्या ऐसे समय हुई है, जब गृह मंत्री अमित शाह तीन दिन के राज्य के दौरे पर हैं। गृह मंत्री साल 2019 में अनुच्छेद-370 हटने के बाद दूसरी बार जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। और इस बात के संकेत हैं कि राज्य में जल्द चुनाव कराए जा सकते हैं। इस बीच अभी तक हेमंत कुमार की हत्या की वजह साफ नहीं हो पाई है। एक तरफ पुलिस फिलहाल इसे आतंकी घटना नहीं मान रही है, वहीं जैश-ए-मुहम्मद से जुड़े आतंकी संगठन PAFF ने हमले की जिम्मेदारी ली है। राज्य में किसी बड़े पुलिस अधिकारी की इस तरह की हत्या की घटना काफी समय बाद हुई है।

इस साल 28 सुरक्षा बल के जवान हुए शहीद

साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के अनुसार , जम्मू और कश्मीर में साल 2022 में अगस्त 2022 तक 28 सुरक्षा बलों के जवान और अधिकारी शहीद हुए हैं। जनवरी से अगस्त के बीच सबसे ज्यादा अगस्त में 6 सुरक्षा बलों के जवान और अधिकारी शहीद हुए। वहीं साल 2021 में 36 जवान शहीद हुए थे। अगर साल 2014 से देखा जाय तो पिछले 8 साल में 533 सुरक्षा बलों के जवान और अधिकारी शहीद हुए हैं।

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