Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को पर्यटकों से अपील की कि वह हालात को देखकर आगे का फैसला करें। उन्होंने कहा कि जान सबको प्यारी होती है। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला रामबन में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद जमीनी हालात का आकलन करने के लिए समीक्षा बैठक करने के लिए यहां आए थे।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (फोटो साभार: @CM_JnK)
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि रामबन में हेलीकॉप्टर उतर नहीं पाया और पहलगाम के हादसे के बाद अब मुझे यहां आने का मौका मिला। मैं खुद यहां के हालात देखना चाहता था और यहां के लोगों को भरोसा दिलाना चाहता था कि मुश्किल समय में हम आपके साथ हैं...
पर्यटकों से CM अब्दुल्ला ने की यह अपील
उन्होंने कहा कि मैं उनके (पर्यटकों) के डर को समझ सकता हूं, जो लोग छुट्टियां मनाने आते हैं, उन्हें इस तरह की परेशानी नहीं चाहिए... अगर इस हालात में उन्होंने (पर्यटक) कश्मीर को ऐसे छोड़ दिया तो कहीं हमारे दुश्मनों की जीत तो नहीं होगी? अगर पर्यटकों को निशाना बनाया गया तो उनका मकसद ही यही था कि कश्मीर से सारे पर्यटक निकल जाना चाहिए... जान सबको प्यारी होती है। मेरी तो पर्यटकों से बस यही अपील है कि हालात को देखिये उसके बाद फैसला कीजिए।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (फोटो साभार: @CM_JnK)
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने 'हिंदू-मुस्लिम को तोड़ने की कोशिश' से जुड़े सवाल पर कहा कि हां असर तो हुआ है... वो लोग जो इसको (पहलगाम हमले) को हिंदू-मुस्लिम का रंग देना चाहते हैं उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि 26 लोगों में से एक का नाम आदिल (सैयद आदिल हुसैन शाह) था जिन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं की और पर्यटकों को बचाने के लिए उन्होंने आतंकवादियों से बंदूक छीनने की कोशिश की...
उन्होंने कहा कि सिंघु जल समझौता पहले ही जम्मू-कश्मीर को बहुत भारी पड़ा है और अगर इससे जम्मू-कश्मीर को फायदा होगा तो मैं सबसे पहला व्यक्ति होऊंगा, जो कहेगा अच्छी बात है।
पहलगाम में आतंकियों ने की थी अंधाधुंध गोलीबारी
पहलगाम में मंगलवार को हुए आंतकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई जिसमें से ज्यादातर पर्यटक थे और उनमें से एक नेपाली नागरिक था, जबकि अन्य कई लोग घायल हो गए। दुनिया के तमाम देशों ने इस हमले की एक स्वर में निंदा की और भारत के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है।
