Air India Plane Crash: टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अहमदाबाद विमान हादसे के बाद टाइम्स ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि जिस दिन हादसा हुआ मैं अपने मुंबई ऑफिस में एक इंटरनल मीटिंग में था। यह काफी चौंकाने वाला था और समझना मुश्किल था। मुझे खुद को संभालने में कुछ समय लगा और फिर मैं बिना किसी देरी के एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया ताकि अहमदाबाद जा सकूं।
टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (बाएं) और टाइम्स ग्रुप एडिटर इन चीफ नविका कुमार (दाएं)
'आपको हादसे की सूचना कैसे मिली? क्या कॉल आया था?' के सवाल पर एयर इंडिया के चेयरमैन ने कहा कि हां, मुझे किसी का कॉल आया था... फिर मैं मीटिंग से बाहर आया, मेरी असिस्टेंट ने टीवी चालू किया, लेकिन मैंने कुछ नहीं देखा और सीधे वहां से निकल गया।
'बिना किसी देरी के एयरपोर्ट के लिए निकला'
जब नाविका कुमार ने एन चंद्रशेखरन से सवाल किया- 'आपके मन में सबसे पहले क्या विचार आए? क्या आपको हताहतों के बारे में पता चला था या महज अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर वहां के लिए निकले?' तो उन्होंने कहा, ''मुझे तुरंत पता चल गया था कि मुझे अहमदाबाद जाना है। मैंने तुरंत फ्लाइट का इंतजाम करने के लिए कहा। मैं कार से एयरपोर्ट के लिए निकला और रास्ते में मैंने फोन खड़काना शुरू कर दिया। मैंने एयर इंडिया, गुजरात के हमारे लोग, वहां के मैनेजर और बाकी कंपनियों से संपर्क किया।
'क्या आपको शुरुआत में उम्मीद थी कुछ लोग बच जाएंगे या आपको शुरू से ही पता था कि यह एक भयावह मंजर था?' वाले सवाल पर एन चंद्रशेखरन ने कहा कि मुझे भी बाकी तमाम लोगों की तरह उम्मीद थी कि लोग बच जाएंगे... मैं भी बाकी लोगों की तरह ईश्वर से प्रार्थना कर रहा था, क्योंकि हम साइट पर नहीं थे, महज खबरें सुन रहे थे। ऐसे में मेरे मन में सिर्फ यही चल रहा था कि नुकसान होगा, पर लोग बच जाएं... या कितने लोग बचेंगे... यही सब मेरे मन में चल रहा था।
गौरतलब है कि एयर इंडिया का अहमदाबाद से लंदन जाने वाली फ्लाइट संख्या एआई-171 बीते गुरुवार को टेकऑफ के चंद सेकंड के बाद एक छात्रावास में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस विमान में दो पायलट, केबिन क्रू के 10 सदस्य सहित 242 लोग मौजूद थे, जिनमें से महज एक यात्री ही बच पाया।
