जंग का फैसला मशीनें नहीं, एविएटर की स्किल करती है, CAATS के पासिंग-आउट परेड में बोले लेफ्टिनेंट जनरल सेठ

कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CAATS) की पासिंग-आउट परेड में दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने बोलते हुए यह बात साफ की कि आधुनिक युद्ध में जीत का निर्धारण मशीन नहीं, बल्कि प्रशिक्षित एविएटर का कौशल और निर्णय क्षमता करती है। उन्होंने कहा कि तकनीक डेटा दे सकती है, लेकिन दबाव में सही फैसला और जोखिम की समझ केवल इंसान ही दे सकता है। समारोह में तीन कोर्स के कैडेट्स ने भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया।

आधुनिक युद्ध में टेक्नोलॉजी जितनी तेजी से बदल रही है, उतने ही तेज सवाल इस बात पर खड़े हो रहे हैं कि युद्धक्षेत्र में असली बढ़त किसे मिलती है, मशीन को या इंसानी दिमाग को? दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने शुक्रवार को इसका साफ जवाब दिया कि किसी भी जंग का टर्निंग पॉइंट मशीन नहीं, बल्कि उसे ऑपरेट करने वाले एविएटर का कौशल और फोकस तय करता है।

caats passing out parade

Caats के पासिंग-ऑउट परेड के दौरान बोलते लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ

कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CAATS) की पासिंग-आउट परेड की समीक्षा के बाद जनरल सेठ ने कहा कि जंग का करैक्टर इस समय इतनी तेज़ी से बदला है कि पुराने नियम और परंपराएँ अब कई जगह अप्रासंगिक हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, “मशीनें युद्ध नहीं जीततीं, बल्कि उन्हें चलाने वाले एविएटर्स का कौशल, निर्णय क्षमता और दृढ़ता ही जीत सुनिश्चित करती है।”

End of Feed