कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से भेजे गए नोटिस पर कहा कि उन्होंने जो वोट चोरी के आरोप के समर्थन में डाटा दिया है, वो चुनाव आयोग का ही डेटा है, इसलिए उन्हें उसपर साइन करने की जरूरत नहीं है। राहुल गांधी ने इस दौरान कहा कि यह देश में कई जगहों पर हुआ है। नोटिस के जरिए चुनाव आयोग ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का लगाया है आरोप (फोटो- rahulgandhi)
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राहुल गांधी का चुनाव आयोग को जवाब
चुनाव आयोग के नोटिस पर लोकसभा नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा- "यह उनका (चुनाव आयोग का) डेटा है। यह मेरा डेटा नहीं है जिस पर मैं (हलफनामे पर) हस्ताक्षर करूंगा... उस डेटा को अपनी वेबसाइट पर डालें और आपको पता चल जाएगा। यह सब सिर्फ मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए है। यह सिर्फ बेंगलुरु में ही नहीं, बल्कि कई अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी हुआ है..."
आज निकाला मार्च
विपक्षी दलों के सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ सोमवार को संसद भवन परिसर से मार्च निकाला। हालांकि पुलिस ने उन्हें संसद मार्ग पर ही रोक दिया तथा बाद में हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सच्चाई देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है, यह संविधान को बचाने की लड़ाई है, ‘एक व्यक्ति- एक वोट’ की लड़ाई है। हम एक साफ-सुथरी और सही मतदाता सूची चाहते हैं।’’
