ISRO Chief on Operation Sindoor: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सभी सैटेलाइट्स पूरी तरह से काम कर रहे थे। ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई का परिचय था। आज के आधुनिक युद्ध में ड्रोन्स व फाइटर जेट्स शामिल रहते हैं, ऐसे में रडार सिस्टम और डिटेक्शन को लेकर सैटेलाइट्स का बड़ा रोल रहता है, जिसको लेकर अब ISRO चीफ ने साफ किया कि ऑपरेशन के दौरान सभी सैटेलाइट्स अच्छे से काम कर रही थीं और सभी आवश्यकताओं को पूरा भी कर रही थीं।
इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन (फोटो/एएनआई)
एक सभा को संबोधित करते हुए, इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, सभी उपग्रह चौबीसों घंटे पूरी तरह से काम कर रहे थे और आवश्यकताओं को पूरा कर रहे थे।' इससे पहले, 25 अगस्त को भी इसरो अध्यक्ष ने इस बात पर प्रकाश डाला था कि अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा स्थापित सभी उपग्रहों ने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
भारत की कितनी सैटेलाइट काम कर रहीं?
इसरो प्रमुख ने यह भी बताया कि वर्तमान में भारत की 58 सैटेलाइट कक्षा (Orbit) में परिचालन मोड में हैं। इसरो प्रमुख ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमारे सभी उपग्रहों ने शानदार ढंग से काम किया। अपने उपग्रहों के माध्यम से, हमने ऑपरेशन सिंदूर में भारत के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित की। प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिया है कि अगले तीन सालों में कक्षा में सैटेलाइट्स की संख्या वर्तमान संख्या से कम से कम तीन गुना होनी चाहिए।'
ऑपरेशन सिंदूर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इसके बाद 7 मई, 2025 को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर ने तीनों सेनाओं की एक सुनियोजित प्रतिक्रिया को प्रदर्शित किया, जिसमें सटीकता का बड़ा रोल था। यह ऑपरेशन नियंत्रण रेखा के पार और पाकिस्तान के भीतर तक फैले आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए एक लक्षित अभियान था।
ऑपरेशन सिंदूर में इसरो की भूमिका
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा 14 मई को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में इसरो की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। विज्ञप्ति में कहा गया है, '11 मई को एक कार्यक्रम में, इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने उल्लेख किया कि देश के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के रणनीतिक उद्देश्य से कम से कम 10 सैटेलाइट लगातार चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।'
