स्पेडेक्स डॉकिंग के बाद ISRO ने फिर किया कमाल; विकास लिक्विड इंजन को पुन: चालू करने में मिली सफलता

Vikas Liquid Engine: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने महेंद्रगिरि के 'प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स' में एक परीक्षण केन्द्र में अपने विकास तरल इंजन को फिर से चालू करने संबंधी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इसरो ने कहा कि इस परीक्षण में इंजन को 60 सेकंड के लिए चालू किया गया फिर इसे 120 सेकंड के लिए बंद किया गया, फिर पुनः चालू किया गया।

Vikas Liquid Engine: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने महेंद्रगिरि के 'प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स' में एक परीक्षण केन्द्र में अपने विकास तरल इंजन को सफल डॉकिंग के बाद ISRO ने फिर किया कमाल; विकास लिक्विड इंजन को पुन: चालू करने में मिली सफलताफिर से चालू करने संबंधी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। विकास इंजन का उपयोग प्रक्षेपण यानों के तरल चरणों (लिक्विड स्टेज) को शक्ति प्रदान करने में किया जाता है।

ISRO Vikas Engine

इसरो विकास इंजन (फोटो साभार: ISRO)

कब हुआ परीक्षण

इसरो की ओर से जारी एक बयान के अनुसार यह परीक्षण 17 जनवरी को किया गया। यह चरणों की पुनर्प्राप्ति के वास्ते प्रौद्योगिकियों के विकास में मील का पत्थर है। विभिन्न परिस्थितियों में इंजन को पुनः चालू करने के लिए कई परीक्षण किए जा रहे हैं।

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