Sawal Public Ka: क्या हिंदू राष्ट्र की बात करना संविधान की भावना के खिलाफ है?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 16, 2023, 10:04 PM IST

Sawal Public Ka : एक ओर कई हिंदू साधु संतों समेत कुछ लोगों की मांग है कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कहने लगे हैं कि भारत हिंदू राष्ट्र था और रहेगा। पब्लिक का सवाल है कि क्या हिंदू राष्ट्र की बात करना संविधान की भावना के खिलाफ है ?

Sawal Public Ka : देश के संविधान की मूल प्रति पर राम दरबार की तस्वीर है। संविधान पर भगवान राम, मां सीता और लक्ष्मण की तस्वीर लगाने वाले हमारे वही संविधान निर्माता हैं। जिन्होंने संविधान के जरिये ये तय किया कि राष्ट्र किसी एक धर्म के प्रति झुकाव नहीं रखेगा। लेकिन श्रीराम संविधान पर दर्ज हुए क्योंकि वो भारत राष्ट्र की संस्कृति के नायक हैं। हम आज इसलिए ये सब याद दिला रहे हैं क्योंकि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का मुद्दा जोर पकड़ता जा रहा है। एक ओर कई हिंदू साधु संतों समेत कुछ लोगों की मांग है कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कहने लगे हैं कि भारत हिंदू राष्ट्र था और रहेगा। उनका मतलब भारत की सांस्कृतिक पहचान से है। लेकिन सनातन के इस जोर पर सियासत का शोर उठ रहा है।

तो उधर अभी भी हिंदू त्योहारों को लेकर आर-पार की नौबत आ रही है। अभी कल ही झारखंड के पलामू में शिवरात्रि को लेकर तोरण द्वार बनाने पर सांप्रदायिक तनाव पैदा हुआ है। भगवान शिव की नगरी देवघर में आज धारा 144 लगी हुई है। पब्लिक का सवाल है कि क्या हिंदू राष्ट्र की बात करना संविधान की भावना के खिलाफ है ? एक ओर हिंदू राष्ट्र का सपना है तो दूसरी ओर क्या हिंदू त्योहारों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है? यही है आज सवाल पब्लिक का।

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