क्या बीजेपी के प्रति मुलायम हो रहे हैं के चंद्रशेखर राव, कहीं ये दो वजह तो नहीं

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Jun 25, 2023, 02:29 PM IST

K Chandrashekhar Rao News: राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए के चंद्रशेखर राव ने अपनी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति का नाम बदल कर भारत राष्ट्र समिति कर दिया था।

K Chandrashekhar Rao News: आम चुनाव 2024 से पहले विपक्षी एकता की कवायद की जा रही है। 23 जून को 15 राजनीतिक दल बिहार की राजधानी पटना में जुटे और विचार मंथन के बाद कहा कि एकता बनाए रखने के लिए इस तरह की जुटान होती रहेगी। यह बात अलग है कि बीएसपी, बीआरएस जैसे दल दूर रहे। इन सबके बीच हम बात करेंगे भारत राष्ट्र समिति यानी के चंद्रशेखर राव की पार्टी के बारे। पिछले 2 साल के बाद जब मणिपुर के मामले में सर्वदलीय बैठक हुई तो उसमें बीआरएस ने हिस्सा लिया और यहीं से कई तरह की बातें सामने आने लगी कि शायद केसीआर का नजरिया बीजेपी से लिए मुलायम हो रहा है। इसे समझने के लिए हमें उनके बेटे के टी रामाराव के बयानों की तरफ देखना होगा। केटीआर का कहना है कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई देश के सामने मौजूद मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष को किसी को सत्ता से बेदखल करने की चिंता है।बीआरएस सिर्फ उन्हीं राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन करेगी जो लोगों के लाभ के लिए समान एजेंडा साझा करेंगे। उनके यह सिर्फ दो बयान मात्र नहीं है बल्कि इसके राजनीति निहितार्थ भी है।

क्या कहते हैं जानकार

जानकारों का कहना है कि इसके पीछे दो वजह हो सकती है। पहली वजह तो ये कि जिस तरह से दिल्ली एक्साइज घोटाले में के चंद्रशेखर राव की बेटी का के कविता का नाम सामने आया है उसके बाद बीआरएस को धक्का लगा है। हाल ही में एक चार्जशीट में के कविता के नाम का जिक्र नहीं है, हालांकि राजनीति में इस तरह के आरोपों का लगना उसका सामना करना बड़ा मुद्दा नहीं होता है तो सवाल फिर भी मौजूं है कि दूसरी वजह क्या हो सकती है। दूसरी वजह को जानकार के टी रामाराव के बयान से जोड़कर देख रहे हैं।

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