IRCTC Scam: दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को आईआरसीटीसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)
कब आएगा फैसला?
माना जा रहा है कि राउज़ एवेन्यू कोर्ट 3 मार्च को आरोप तय करने पर अपना फैसला सुना सकता है। हालांकि, अभी इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है। फिलहाल कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है।
क्या है पूरा मामला?
आईआरसीटीसी घोटाला मामला यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री हुआ करते थे। लालू प्रसाद यादव पर आरोप हैं कि उस वक्त उन्होंने अपने करीबी सहयोगी और राज्यसभा में राजद के सदस्य प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी एवं सुजाता होटल्स की मालकिन सरला गुप्ता और आईआरसीटीसी के अधिकारियों के साथ मिलकर 'स्वयं को तथा दूसरों को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाने' के लिए आपराधिक साजिश रची थी।
बकौल ईडी, लालू प्रसाद यादव पर मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है। साथ ही, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव पर घोटाले से आर्थिक फायदा होने का आरोप है।
हाई कोर्ट ने CBI को जारी किया नोटिस
इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं के साथ-साथ राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की ओर से दायर ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की एप्लीकेशन पर सीबीआई को नोटिस जारी किया था।
13 अक्टूबर 2025 को दिए गए एक आदेश में राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक साजिश) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत ट्रायल का रास्ता साफ कर दिया, जब उन्होंने आरोपों को स्वीकार नहीं किया था।
