INS Imphal: हिंद महासागर में चीन की शातिर चालों के बीच भारतीय नौसेना ने सबसे आधुनिक और ताकतवर जंगी जहाज को नौसेना में शामिल कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को विध्वंसक आईएनएस इंफाल को भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया है। आईएनएस इंफाल नौसेना द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए 'विशाखापत्तनम' श्रेणी के चार विध्वंसक युद्धपोतों में से तीसरा युद्धपोत है। इसे नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है और यह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम मझगांव डॉक लिमिटेड, मुंबई द्वारा निर्मित है।
आईएनएस इंफाल
इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार भी मौजूद रहे। राजनाथ सिंह ने कहा, आजकल समंदर में हलचल कुछ ज्यादा बढ़ गई है। भारत की बढ़ती आर्थिक और सामरिक ताकत ने कुछ ताकतों को ईर्ष्या और द्वेष से भर दिया है। भारत सरकार ने हाल ही में अरब सागर में 'एमवी केम प्लूटो' पर ड्रोन हमले और कुछ दिन पहले लाल सागर में 'एमवी साईं बाबा' पर हमले को बेहद गंभीरता से लिया है।
हमलावर को समुद्र दल से भी ढूंढ निकालेंगे
राजनाथ सिंह ने कहा, दोनों घटनाओं के बाद भारतीय नौसेना ने समुद्र की निगरानी बढ़ा दी है। जिसने भी इस हमले को अंजाम दिया है, हम उन्हें समुद्र तल से भी ढूंढ लेंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रक्षामंत्री ने आगे कहा, आईएनएस इंफाल का भारतीय नौसेना में शामिल होना रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को दिखाता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति MDL एवं नौसेना की प्रतिबद्धता और इसके निर्माण में शामिल सभी हितधारकों की मेहनत, लगन और समर्पण को दिखाता है।
बेहद घातक है INS इंफाल
आईएनएस इंफाल भारतीय नौसेना का सबसे नया स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर है। यह ताकत और तकनीक में भी काफी एडवांस है। यह जंगी जहाज विस्तारित दूरी की सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल दागने की क्षमता से लैस है। इस जहाज को एडमॉस्फिरिक कंट्रोल सिस्टम से लैस किया गया है यानी न्यूक्लियर, केमिकल और बॉयोलॉजिकल हमले का इसपर कोई असर नहीं होगा। इस वॉरशिप में सतह से सतह पर मार करने वाली 8 बराक, 16 ब्रह्मोस एंटीशिप मिसाइल, सर्विलांस रडार, 76 एमएम रैपिड माउंट गन, एंटी सबमरीन टॉरपीडो से लैस है। पश्चिमी नौसैन्य कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि आईएनएस इंफाल पहला युद्धपोत है जिसका नाम पूर्वोत्तर के किसी शहर के नाम पर रखा गया है।
