Pahalgam Terror Attack: पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार ने सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया है। भारत सरकार ने अटारी-वाघा बॉर्डर को बंद करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही पाकिस्तान के नागरिकों के लिए वीजा की सुविधा समाप्त कर दी है और 48 घंटे के अंदर भारत छोड़ने को कहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
विदेश सचिव विक्रम सचिव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस (CCS) की एक बैठक हुई जिसमें पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की गई। उन्होंने कहा कि दुनिया भर की कई सरकारों ने समर्थन और एकजुटता प्रकट की है। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति को दी गई जानकारी में आतंकवादी हमले के सीमा पार संबंधों को उजागर किया गया।
CCS बैठक की बड़ी बातें:
- 1960 की सिंधु जल समझौते को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया।
- अटारी-वाघा बॉर्डर को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा।
- पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने को कहा गया है। नए वीजा जारी नहीं किए जाएंगे।
- पाकिस्तान के सैन्य अताशे के पास भारत छोड़ने के लिए एक सप्ताह का वक्त है।
- भारत ने भी अपने रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकार इस्लामाबाद से वापस बुलाए। इन पदों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के उच्चायोगों कर्मियों की कुल संख्या में और कटौती करके उसे वर्तमान 55 से घटाकर 30 किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की, सभी बलों को उच्च सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।
PM आवास पर ढाई घंटे चली CCS की बैठक
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक हुई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आतंकी हमले को लेकर बंद कमरे में हुई बैठक लगभग ढाई घंटे तक चली जिसमें रणनीतिक और कूटनीतिक जवाब देने की योजना बनाई गई।
PM आवास में हुई सीसीएस बैठक
सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सरकार विपक्षी दलों को विश्वास में लेकर बड़ी कार्रवाई की योजना बना सकती है। साथ ही विपक्षी दलों को आतंकी हमले से जुड़ी जानकारी दिए जाने की संभावना है।
