Railway News: देश में लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा और दूरदर्शी फैसला लिया है। अगले पांच वर्षों में प्रमुख शहरों से चलने वाली ट्रेनों की क्षमता को दोगुना किया जाएगा। इसके लिए रेलवे मौजूदा टर्मिनलों के विस्तार के साथ-साथ नए कोचिंग टर्मिनल भी विकसित करेगा।
बड़े शहरों में बनेगा नया रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर (फोटो: canva)
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और भीड़ कम करने के लिए प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाई जाएगी, स्टेबलिंग लाइनों, पिट लाइनों और शंटिंग सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, शहरों के आसपास नए टर्मिनल स्टेशन भी विकसित किए जाएंगे, ताकि मुख्य स्टेशनों पर दबाव कम हो सके।
बेहतर मेंटेनेंस सुविधाएं, सिग्नलिंग अपग्रेडेशन और मल्टी-ट्रैकिंग जैसे काम
इस योजना के तहत मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स, बेहतर मेंटेनेंस सुविधाएं, सिग्नलिंग अपग्रेडेशन और मल्टी-ट्रैकिंग जैसे काम किए जाएंगे। रेलवे का फोकस केवल टर्मिनल स्टेशन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के स्टेशनों और सेक्शन की क्षमता भी संतुलित तरीके से बढ़ाई जाएगी।उदाहरण के तौर पर पुणे में सिर्फ मुख्य स्टेशन ही नहीं, बल्कि हडपसर, खड़की और आलंदी जैसे स्टेशनों को भी विकसित किया जाएगा।
रेलवे की यह योजना सब-अर्बन और नॉन-सब-अर्बन दोनों तरह की सेवाओं को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। देश के 48 प्रमुख शहरों के लिए एक व्यापक और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसमें तत्काल, अल्पकालिक और दीर्घकालिक कदम तय किए गए हैं।
कोचिंग टर्मिनलों और ऑपरेशनल क्षमता का विस्तार
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'हम यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए कोचिंग टर्मिनलों और ऑपरेशनल क्षमता का विस्तार कर रहे हैं। इससे न सिर्फ भीड़ कम होगी, बल्कि देशभर में रेल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।' रेलवे का यह कदम आने वाले वर्षों में यात्रियों को बेहतर सुविधा, ज्यादा ट्रेनें और सुगम सफर देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित होगा।
