Himanta Biswa Sarma: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पलटवार किया है। सीएम हिमंता ने कहा कि संवैधानिक रूप से कोई रोक नहीं है। कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है। लेकिन भारत एक हिंदू राष्ट्र है, हिंदू सभ्यता है, और हम हमेशा से मानते आए हैं, और हमें पूरा विश्वास है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा एक हिंदू ही होगा।
हिमंत सरमा का ओवैसी को जवाब
ओवैसी ने भी हिमंत को जवाब दिया
वहीं, इस विवाद को हवा देने वाले ओवैसी ने भी हिमंत के बयान पर जवाब दिया है। नागपुर में ओवैसी ने कहा, उनके दिमाग में एक ट्यूबलाइट लगी है। उन्होंने संविधान की शपथ ली। संविधान में यह कहां लिखा है? पाकिस्तान के संविधान में लिखा है कि केवल एक ही समुदाय का व्यक्ति उस देश का प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बन सकता है। हमारे देश में बाबासाहेब अंबेडकर ने संविधान दिया। वे हिमंता बिस्वा सरमा से कहीं अधिक बुद्धिमान और शिक्षित थे। दुर्भाग्य से, जो लोग संविधान और उसकी भावना को नहीं समझते, उन्हें यह समझ नहीं आता कि यह देश केवल एक समुदाय का नहीं है। इस देश की सुंदरता यही है कि यह उन लोगों के लिए भी है जो ईश्वर में विश्वास नहीं करते। उनकी (असम के मुख्यमंत्री की) सोच संकीर्ण है। इसलिए वे ऐसी छोटी-छोटी बातें कहते हैं।
असदुद्दीन ओवैसी का विवादित बयान
असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार 10 जनवरी को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बयान दिया था कि एक दिन इस देश में हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बनेगी। ओवैसी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संविधान की सराहना करते हुए कहा कि यह संविधान किसी भी नागरिक को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बनने का अधिकार देता है। ओवैसी के इस बयान पर विवाद भी हुआ था और बीजेपी ने उनपर निशाना साधा था।
