महज 83 लाख रुपए में तैयार हुई थी संसद की पुरानी इमारत, 96 साल बाद गोलाकार से त्रिभुजाकार हुई

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 25, 2023, 11:56 AM IST

Old Parliament Building : पुरानी संसद की डिजाइन ब्रिटेन के आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस और हरबर्ट बेकर ने 1912-1913 के बीच तैयार किया। इसके बाद संसद भवन का निर्माण कार्य 1921 में शुरू हुआ और यह 1927 में बनकर तैयार हुआ। इस भवन की आधारशिला ड्यूक ऑफ कनॉट एंड स्ट्रादर्न के प्रिंस आर्थर ने फरवरी 1921 में रखी। संसद भवन को तैयार करने में करीब 6 साल का समय लगा।

Old Parliament Building : देश को 28 मई को नई संसद मिल जाएगी। विपक्ष के विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनकर तैयार हुई इस नई इमारत का उद्घाटन करेंगे। नई संसद का निर्माण मौजूदा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जाहिर है कि अब इसी संसद में देश के भविष्य की रूपरेखा बनेगी। तर्क-वितर्क एवं बहसें होंगी। यहीं से भारतीय लोकतंत्र नई कुलांचे भरेगा और 'न्यू इंडिया' के सपने साकार होंगे। संसदीय परंपरा और जीवंत लोकतंत्र की यह इमारत गवाह बनेगी। बावजूद इसके संसद की पुरानी इमारत का महत्व कम नहीं होगा।

Parliament old building

पुरानी संसद 1927 में बनकर तैयार हुई।

पुरानी संसद का कालजयी इतिहास रहा है

सवाल है कि इस नई इमारत के बाद पुराने संसद भवन का क्या होगा? तो इसका जवाब गत मार्च में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया। उन्होंने राजयसभा के अपने संबोधन में बताया कि नए संसद भवन के निर्माण के बाद इस भवन की मरम्मत की जाएगी। इसे फिर से तैयार किया जाएगा। इस भवन के पुरातात्विक महत्त्व को देखते हुए सरकार इसे संरक्षित करेगी। बताया जाता है कि पुरानी संसद का इस्तेमाल संसद से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन के लिए होगा। 96 साल की हो चुकी पुरानी संसद का एक कालजयी इतिहास रहा है। पुरानी संसद ऐतिहासिक भाषणों, बहसों एवं घटनाओं का गवाह रही है।

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