नौसेना के 'नेत्र' से बच नहीं पाएगी चीन-पाक की चालाकी, उत्तरी-पश्चिमी सीमा पर भी INS-316 की निगहबानी

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 13, 2023, 09:42 AM IST

INAS-316 : नौसेना ने बताया कि INAS 316 और INAS 312 ऐसे दो स्क्वॉड्रन हैं जो P8I एयरक्राफ्ट का संचालन कर रहे हैं। ये पहले से ही हिंद महासागर और उससे भी आगे जाकर निगहबानी करते रहे हैं। लेकिन अब इन्होंने उत्तरी और पश्चिमी सीमा की निगरानी करने लगे हैं। उसके टोही विमान हिंद महासागर से लेकर चीन और पाकिस्तान से लगनी वाली उत्तरी एवं पश्चिमी सीमा पर गश्त कर रहे हैं।

INAS-316 : समुद्र में दुश्मन देशों खासकर चीन की चुनौतियों एवं उसके खतरे को देखते हुए भारतीय नौसेना अपनी ताकत एवं क्षमता में लगातार इजाफा कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में युद्धपोत, पनडुब्बी, जंगी जहाजों की संख्या बढ़ाने से लेकर सर्विलांस पर खासा जोर दिया गया है। इसी क्रम में नौसेना ने अपनी निगरानी का दायरा पहले से ज्यादा बढ़ा दिया है। अब उसके टोही विमान हिंद महासागर से लेकर चीन और पाकिस्तान से लगनी वाली उत्तरी एवं पश्चिमी सीमा पर गश्त कर रहे हैं। जाहिर है कि इससे दोनों दुश्मन की सीमा पर चालबाजी पकड़ में आ जाएगी।

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नौसेना ने निगरानी का अपना दायरा बढ़ाया।

5000 घंटे से ज्यादा की उड़ान पूरी की

नौसेना ने अपने निगरानी एवं टोही अभियान के बारे में जानकारी दी है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक नौसेना ने अपने एक बयान में कहा कि पिछले साल 29 मार्च को गोवा में चार P-8I एयरक्राफ्ट के साथ INAS-316 स्क्वॉड्रन की शुरुआत हुई। दो साल से भी कम समय में इसने अब तक 5000 घंटे से ज्यादा की उड़ान पूरी कर ली है।

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