Indian Tankder Green Asha: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई है। यहां से सुरक्षित निकलकर एक और मालवाहक जहाज मुंबई पहुंचा है। यह जहाज अपने साथ 15 हजार टन LPG लेकर आया है। यह जहाज बीते रविवार को होर्मुज को पार किया। ग्रीन आशा पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला आठवां भारतीय ध्वज वाला व्यापारी जहाज है। ये सभी आठ जहाज एलपीजी टैंकर वाले हैं। शिपिंग डेटाबेस के अनुसार, ग्रीन आशा एक मध्यम आकार का गैस कैरियर है, जिसका स्वामित्व एमओएल इंडिया के पास है। एमओएल इंडिया, जापान की वैश्विक शिपिंग कंपनी मित्सुई ओएसके लाइन्स की भारतीय शाखा है। इस टैंकर की डेडवेट क्षमता 26,000 टन से अधिक है।
होर्मुज से होकर एक और भारतीय जहाज पहुंचा मुंबई।
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होर्मुज के आस-पास कुल 16 भारतीय जहाज
रिपोर्टों के मुताबिक ग्रीन आशा के इस क्षेत्र से निकलने के बाद फारस की खाड़ी में भारत-ध्वज वाले कुल 16 जहाज मौजूद होंगे, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में स्थित है।इनमें कम से कम दो और एलपीजी टैंकर, चार कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के टैंकर, एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) टैंकर, एक केमिकल प्रोडक्ट्स टैंकर, तीन कंटेनर जहाज, दो बल्क कैरियर और कुछ जहाज नियमित रखरखाव (मेंटेनेंस) के लिए शामिल हैं।
46,650 टन एलपीजी लेकर आया ग्रीन सानवी'
होर्मुज पार कर भारत आने वाले जहाजों के बारे में बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 46,650 टन एलपीजी से लदा टैंकर 'ग्रीन सानवी' कल यानी सात अप्रैल को भारत पहुंचेगा।
लगातार ईंधन लेकर भारत आ रहे जहाज
वहीं, 15,500 टन गैस लेकर 'ग्रीन आशा'टैंकर नौ अप्रैल को भारतीय तट पर पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारतीय समुद्री परिचालन सुरक्षित और निर्बाध बना हुआ है। दो एलपीजी टैंकर इस जलडमरूमध्य से आगे बढ़ गए हैं जबकि 433नाविकों के साथ भारतीय ध्वज वाले 16 जहाज अभी उसी इलाके में हैं।
