Indian Air Force: भारतीय वायुसेना (IAF) की मारक क्षमता को एक नया आयाम देने के लिए रक्षा मंत्रालय एक बेहद अहम प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इसके तहत वायुसेना के रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले Su-30MKI लड़ाकू विमानों को रूस निर्मित RVV-BD (R-37M variant) एयर-टू-एयर मिसाइल से लैस करने के लिए मॉडिफाई किया जाएगा।
भारतीय वायु सेना का Su-30MKI (फोटो- PTI)
यह बेहद घातक मिसाइल हवा में 300 किलोमीटर की दूरी से ही दुश्मन के विमानों, विशेष रूप से अवाक्स (AEW&C - एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) और जासूसी विमानों को मैक 6 (Hypersonic Speed) की रफ्तार से निशाना बना सकती है।
रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में लगेगी मुहर
न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से कहा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जाना तय माना जा रहा है। यह घटनाक्रम रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे और आगामी ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रहा है, जहां दोनों देशों के बीच कई रक्षा सौदों पर चर्चा होनी है।
इसके अलावा, DAC की इस बैठक में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा Su-30MKI विमानों और उनके AL-31 इंजन के ओवरहाॅल और ALH मार्क-3 हेलीकॉप्टरों के बड़े ऑर्डर पर भी फैसला लिया जा सकता है।
लंबी दूरी की हवा-से-हवा मारक क्षमता पर ध्यान
भारतीय वायुसेना अपनी हवा-से-हवा (Air-to-Air) मिसाइल क्षमता को स्वदेशी और विदेशी दोनों रास्तों से मजबूत कर रही है:
- RVV-BD मिसाइल: हाइपरसोनिक गति और 300 किमी मारक क्षमता के साथ रूसी मिसाइल।
- स्वदेशी अस्त्र (Astra) मिसाइल: डीआरडीओ (DRDO) अस्त्र मिसाइल के आधुनिक वेरिएंट्स पर तेजी से काम कर रहा है, जो 300 किमी से अधिक दूरी तक हमला कर सकेंगे।
- मिटियोर (Meteor) मिसाइल: फ्रांस से लंबी दूरी की प्रसिद्ध मिटियोर मिसाइलों के अधिग्रहण के लिए भी बड़े ऑर्डर दिए गए हैं।
'ऑपरेशन सिंदूर' और Su-30MKI का आधुनिकीकरण
भारतीय वायुसेना के बेड़े में 260 से अधिक Su-30MKI विमान शामिल हैं। हाल ही में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' में इन विमानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जहां ब्रह्मोस एयर-लॉन्च मिसाइलों और 'रैंपेज' जैसी घातक मिसाइलों के जरिए पाकिस्तानी एयरबेस को तबाह किया गया था।
भारत वर्तमान में Su-30MKI बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए दो अलग-अलग अपग्रेड प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है, जिससे ये विमान पहले से भी अधिक दूरी से दुश्मन को देखने और नष्ट करने में सक्षम हो जाएंगे।
