Indian Air Force News: इंडियन एयर फोर्स (IAF) ने एक और तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) एक्सीडेंट में खो दिया है, जिसके बाद पूरे फ्लीट में जांच और बड़े पैमाने पर टेक्निकल चेकिंग शुरू हो गई है। तेजय जेट के हादसे की यह ताजा घटना इस महीने की शुरुआत में एक खास एयर बेस के ऑपरेशनल एरिया में हुई, जब देश में बना फाइटर जेट एक रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी के बाद लैंडिंग कर रहा था। बताया गया कि शुरुआती जांच में एक टेक्निकल गड़बड़ी की बात सामने आई है, जिसमें शायद ऑनबोर्ड सिस्टम में खराबी हो सकती थी। हालांकि, यहां सवाल इंडियन एयरफोर्स के अलावा पूरे भारत की रणनीति के लिए भी अहम है कि जहां एक तरफ IAF को अधिक जेट्स की जरूरत है और इस बीच जो इस्तेमाल हो रहे जेट्स हैं, वो भी नष्ट हुए जा रहे हैं।
इंडियन एयरफोर्स के साथ भारत के लिए बुरी खबर, एक के बाद एक तेजस जेट का हो रहा एक्सिटेंड
न्यूज एजेंसी PTI ने बताया कि हादसे के बाद, इंडियन एयर फोर्स ने करीब 30 सिंगल-सीट तेजस जेट के अपने पूरे फ़्लीट को इंटेंसिव टेक्निकल जांच के लिए ग्राउंड कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह फाइटर जेट सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बनाए 32 सिंगल-सीट LCA Mk1 जेट की शुरुआती डिलीवरी का हिस्सा था।
'तीसरा तेजस एयरक्राफ्ट है जिस खोना पड़ा'
ताजा हादसे में एयरक्राफ्ट के एयरफ्रेम को बहुत ज़्यादा नुकसान हुआ है और ऐसे में जेट को खत्म किया जा सकता है। हालांकि, एक्सिटेंड के दौरान पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल गया और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। IAF में शामिल होने के बाद से यह तीसरा तेजस एयरक्राफ्ट है जिस खोना पड़ा है।
पहला क्रैश मार्च 2024 में जैसलमेर के पास हुआ था, जब जेट एक फायरपावर डेमोंस्ट्रेशन से लौट रहा था; पायलट सुरक्षित निकल गया था। दूसरा हादसा नवंबर 2025 में दुबई एयरशो में एक एरोबैटिक डिस्प्ले के दौरान हुआ, जिसमें पायलट की मौत हो गई। उस क्रैश की जांच अभी भी चल रही है। वहीं, IAF ने अभी तक इस नए हादसे पर कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है।
नए फाइटर जेट मिलने में हो रही देरी
यह नया हादसा तेजस Mk1A प्रोग्राम में देरी के बीच हुआ है, IAF के 180 Mk1A फाइटर्स के ऑर्डर देने के बावजूद डिलीवरी शेड्यूल से लगभग दो साल पीछे चल रही है। MK1A तेजस जेट्स का अपग्रेडेड वर्जन है जो अभी इंडियन एयर फोर्स में सर्विस में हैं।
