इंडियन एयरफोर्स के कम होते फाइटर जेट्स को देख खुश ना हों दुश्मन देश, स्वदेश में ही इन विदेशी पांचवीं पीढ़ी के एयरक्राफ्ट बनाने की तैयारी!

IAF News: केंद्र तीन एक-दूसरे से मुकाबला करने वाली जरूरतों को बैलेंस कर रहा है: IAF की घटती स्क्वाड्रन ताकत को रोकना, AMCA जैसे स्वदेशी प्रोग्राम के लिए गति बनाए रखना, और विदेशी फिफ्थ-जेनरेशन प्लेटफॉर्म पर लॉन्ग-टर्म निर्भरता से बचना। इसलिए, सुखोई-57 की लागत का आकलन तुरंत खरीदने के फैसले के बारे में कम है और सभी ऑप्शन खुले रखने के बारे में ज्यादा है।

Indian Air Force: इंडियन एयरफोर्स (IAF) लगातार कम हो रहे फाइटर फ्लीट से जूझ रही है। ऐसे में केंद्र सरकार लड़ाकू क्षमता को मजबूत करने के लिए एक बड़ा पूंजी निवेश करने की तैयारी में दिख रही है, जबकि रूस के पांचवीं पीढ़ी के सुखोई-57 स्टील्थ फाइटर (Fifth-Generation Sukhoi-57 Stealth Fighter Jets) को शामिल करने की लागत और व्यवहार्यता पर भी समानांतर चर्चा चल रही है। दरअसल, भारत Su-57E के लोकल प्रोडक्शन के लिए लागत और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर रूसी आकलन का इंतजार कर रहा है।

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इंडियन एयरफोर्स के कम होते फाइटर जेट्स को देख खुश ना हों दुश्मन देश (Freepik)

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) फिलहाल भारत में सुखोई-57 के निर्माण के लिए रूस से विस्तृत लागत और क्षमता मूल्यांकन का इंतजार कर रही है। हालांकि विमान को शामिल करने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन उम्मीद है कि HAL को इस महीने के आखिर में रूसी मूल्यांकन मिल जाएगा, जिसमें इस कार्यक्रम को देश में शुरू करने के लिए अनुमानित खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतें और प्रोडक्शन रोडमैप की जानकारी होगी।

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