India Withdraws its High Commissioner from Canada: हरदीप निज्जर मामले में कनाडा की गलत बयानबाजी से नाराज भारत ने बड़ा फैसला लिया है। विदेश मंत्रालय ने कनाडा से भारतीय उच्चायुक्त व अन्य राजनयिकों व अधिकारियों को वापस बुला लिया है। इससे ठीक पहले भारत ने कनाडाई उच्चायुक्त को भी तलब किया था।
खत्म होने की कगार पर भारत-कनाडा के रिश्ते।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कनाडा में भारतीय राजदूतों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की गई है। बयान में कहा गया है कि उग्रवाद और हिंसा के माहौल में ट्रूडो सरकार के कार्यों ने उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल दिया। हमें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान कनाडाई सरकार की प्रतिबद्धता पर कोई भरोसा नहीं है। इसलिए, भारत सरकार ने उच्चायुक्त और अन्य लक्षित राजनयिकों और अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है।
कनाडा की भी आई प्रतिक्रिया
वहींं, इस मामले में कनाडा की प्रतिक्रिया सामने आई है। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, कनाडा ने भारतीय उच्चायुक्त समेत सभी छह राजनयिकों को तुरंत देश छोड़ने का आदेश दिया है।
कनाडाई राजदूत को किया गया तलब
बता दें, भारत ने सोमवार को कनाडाई राजदूत को तलब किया थ। इस मामले में विदेश मंत्रालय ने बताया कि कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त और अन्य राजनयिकों और अधिकारियों को आधारहीन तरीके से निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस बात पर जोर दिया गया कि उग्रवाद और हिंसा के माहौल में ट्रूडो सरकार की कार्रवाई से उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। हमें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा कनाडाई सरकार की प्रतिबद्धता पर कोई भरोसा नहीं है। इसलिए, भारत सरकार ने उच्चायुक्त और अन्य लक्षित राजनयिकों और अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है। यह भी बताया गया कि भारत के खिलाफ उग्रवाद, हिंसा और अलगाववाद को ट्रूडो सरकार के समर्थन के जवाब में भारत आगे कदम उठाने का अधिकार रखता है।
क्या बोले कनाडाई राजदूत
उधर, विदेश मंत्रालय से बाहर आने के बाद कनाडाई उच्चायुक्त स्टीवर्ट व्हीलर ने मीडिया से कहा कि कनाडा ने भारत सरकार के एजेंटों और कनाडा की धरती पर एक कनाडाई नागरिक की हत्या के बीच संबंधों के विश्वसनीय, अकाट्य सबूत प्रदान किए हैं। अब समय आ गया है कि भारत अपने वादे पर खरा उतरे और उन सभी आरोपों की जांच करे। इस मामले की तह तक जाना हमारे दोनों देशों और हमारे देशों के लोगों के हित में है। कनाडा भारत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है।
