भारत-यूएस ट्रेड डील से बदलेगा खेल, टैरिफ कटौती से ऑटो-एयरोस्पेस और क्रिटिकल मिनरल सेक्टर को बड़ा फायदा

भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका केवल व्यापारिक साझेदार ही नहीं, बल्कि मित्र और सहयोगी देश भी हैं।

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के तहत एक अंतरिम व्यापार ढांचे पर सहमति बन गई है। इस समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में मील का पत्थर माना जा रहा है। खास तौर पर इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने का बड़ा अवसर मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि दोनों देश Pax Silica जैसे अमेरिकी नेतृत्व वाले वैश्विक पहल का हिस्सा हैं, जिसका मकसद क्रिटिकल मिनरल्स के वैकल्पिक स्रोत विकसित करना और मजबूत सप्लाई चेन तैयार करना है, ताकि दुनिया भर की इंडस्ट्री और अर्थव्यवस्थाओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी (फाइल फोटो-PTI)

अमेरिकी टैरिफ में बड़ी कटौती

पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25 फीसदी पेनल्टी टैरिफ को वापस लेने का कार्यकारी आदेश जारी किया है। इसके तहत अमेरिका जल्द ही नया आदेश जारी कर इस टैरिफ को 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर देगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को समझौते को लेकर सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि यह डील भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।

समुद्री उत्पाद उद्योग में जश्न

पीयूष गोयल ने बताया कि समुद्री उत्पाद उद्योग पहले से ही इस फैसले का स्वागत कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका में ड्यूटी बढ़कर 50 फीसदी हो गई थी, तब भारतीय निर्यातकों ने वैकल्पिक बाजार तलाशे और सरकार ने इसमें मदद की। इसका परिणाम यह रहा कि अमेरिका में निर्यात घटने के बावजूद बीते कुछ महीनों में सीफूड निर्यात 20 फीसदी तक बढ़ा। अब अमेरिकी शुल्क घटकर 18 फीसदी होने से निर्यातकों को दोहरा फायदा मिलेगा, नए खुले बाजार भी और अमेरिका में बेहतर पहुंच भी।

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