India Summons Ukrainian Ambassador: भारत ने काला सागर क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर कड़ा कदम उठाया है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर भारतीय चालक दल वाले मालवाहक जहाज एमवी एजीएन रैगनार पर हमले के बाद विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब किया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई।
भारतीय नाविक की मौत पर सख्त हुआ भारत, यूक्रेन को दिया कड़ा संदेश। AI IMAGE
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत ने इस घटना पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की और वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर प्रतिकूल असर डालते हैं।
'निर्दोष नागरिक नाविकों की जान को खतरे में डालना पूरी तरह अस्वीकार्य'
बैठक के दौरान यूक्रेन के राजदूत से कहा गया कि वे भारत की कड़ी आपत्ति और चिंता से यूक्रेनी अधिकारियों को अवगत कराएं। भारत ने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और निर्दोष नागरिक नाविकों की जान को खतरे में डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जाना चाहिए। भारत ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चलने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है। सरकार ने इस तरह के हमलों को रोकने और नागरिक नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत समुद्री नौवहन की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के निर्बाध संचालन को अत्यंत महत्वपूर्ण मानता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की हिंसक कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कैसे हुआ हमला?
बता दें कि शनिवार को एमवी एजीएन रैगनार यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर हमले की चपेट में आ गया। ओडेसा काला सागर का प्रमुख बंदरगाह है और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से कई बार हमलों का सामना कर चुका है। जहाज पर चार भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। दूतावास ने बताया कि इनमें से दो भारतीय नाविक सुरक्षित मिल गए हैं, जबकि बाकी दो की तलाश जारी है। इस घटना के बाद भारत ने यूक्रेन के राजदूत को बुलाकर अपनी गंभीर चिंता दर्ज कराई।
रविवार को विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एक अहम एडवाइजरी जारी करते हुए संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में संचालित वाणिज्यिक जहाजों पर नौकरी करने से पहले सभी सुरक्षा जोखिमों का गंभीरता से आकलन करने की सलाह दी। मंत्रालय ने आगाह किया कि युद्धग्रस्त इलाकों में कार्यरत भारतीय नाविकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। साथ ही, सरकार ने कहा कि वह विदेशों में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित देशों के साथ सीधे संपर्क कर उचित कदम उठा रही है।
