अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण (फोटो साभार: @DRDO_India)
अग्नि मिसाइल का उड़ान परीक्षण कई पेलोड्स के साथ किया गया, जिन्हें हिंद महासागर क्षेत्र में बड़े भौगोलिक दायरे में फैले अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए निर्देशित किया गया था। बताया जा रहा है कि मिसाइल ने तमाम लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया।
Advanced Agni missile with MIRV (Multiple Independently Targeted Re-Entry Vehicle) system was successfully tested from Dr. APJ Abdul Kalam Island, Odisha on 08th May 2026.
The missile was flight tested with Multiple payloads, targeted to different targets spatially distributed… pic.twitter.com/W7ufT7pwbt
क्या है MIRV तकनीक ?
मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल (MIRV) एक ऐसी उन्नत मिसाइल तकनीक है, जिसमें एक ही बैलिस्टिक मिसाइल कई वारहेड (हथियार) ले जा सकती है और उन्हें अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला करने के लिए भेज सकती है। आसान शब्दों में कहें तो पहले एक मिसाइल महज एक ही लक्ष्य को निशाना बनाती थी, लेकिन MIRV तकनीक वाली एक मिसाइल एक साथ कई लक्ष्यों को तबाह कर सकती है।
ग्लाइड हथियार प्रणाली का पहला सफल परीक्षण
इससे पहले, ओडिशा तट के पास स्वदेशी रूप से विकसित 'ग्लाइड' हथियार प्रणाली का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया गया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, साधारण युद्धक हथियारों को सटीक निर्देशित हथियारों में बदलने के लिए विकसित सामरिक उन्नत रेंज संवर्धन (TARA) प्रणाली का गुरुवार को परीक्षण किया गया।
मंत्रालय ने बताया था, ''रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायु सेना ने ओडिशा तट के पास टीएआरए हथियार प्रणाली का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया।'' बताया गया था कि टीएआरए भारत की पहली स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली है, जो बिना निर्देशित युद्धक हथियारों को सटीक निर्देशित हथियारों में परिवर्तित करती है। मंत्रालय के मुताबिक, यह अत्याधुनिक कम लागत वाली प्रणालियों का उपयोग करने वाला पहला ग्लाइड हथियार है।
